15 या 16 कब है महाशिवरात्रि यहां जानें सही तारीख से लेकर शुभ मुहूर्त
पूजा का शुभ समय
महाशिवरात्रि की रात शिव पूजा का खास महत्व होता है. इस दौरान भक्त निशीथ काल में भगवान शिव की पूजा करते हैं. अलग-अलग पंचांगों में समय में थोड़ा फर्क हो सकता है, लेकिन पूजा का श्रेष्ठ समय आधी रात के आसपास माना जाता है.
Credit: social media पूजा का सही विधि
शाम को शिव मंदिर या घर में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल चढ़ाएं. शाम, रात, मध्यरात्रि और प्रभात. निशीथ काल में अभिषेक कर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें. आरती करें और रात्रि जागरण में भजन-कीर्तन सुनें.
Credit: social mediaमहाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व
समुद्र मंथन में निकले हलाहल विष को शिव ने पीया, इसलिए वे नीलकंठ कहलाए. इस दिन उपवास, संयम और शिव आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग खुलता है.
Credit: social media15 या 16 फरवरी का कन्फ्यूजन क्यों होता है?
असल में चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम से 16 फरवरी तक रहती है. जिन जगहों पर तिथि के आधार पर दिन तय किया जाता है, वहां लोग 16 फरवरी को भी मना लेते हैं. लेकिन महाशिवरात्रि की मुख्य पूजा रात में होती है, इसलिए 15 फरवरी की रात ही महाशिवरात्रि मनाना शास्त्रसम्मत माना जाता है.
Credit: social mediaपारण का सही समय
महाशिवरात्रि 2026 व्रत का पारण 16 फरवरी सोमवार को सुबह 06:33 बजे से दोपहर 03:10 बजे के बीच करना सबसे उत्तम माना गया है. लेकिन महाशिवरात्रि व्रत का पारण चतुर्दशी तिथि (16 फरवरी को शाम 05:34 बजे समाप्त) समाप्त होने से पहले करना अनिवार्य होता है.
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