साढ़े 5 महीने बाद आज UP में जारी होगी SIR की फाइनल वोटर लिस्ट, चुनावी तैयारी पर पड़ेगा असर

उत्तर प्रदेश में साढ़े पांच महीने तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद, अंतिम मतदाता सूची आज शुक्रवार को जारी होने जा रही है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा इस सूची को औपचारिक रूप से जारी किया जाएगा. यह सूची लाखों मतदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े पांच महीने तक चले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन आज शुक्रवार को किया जाएगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा इसे औपचारिक रूप से जारी करेंगे. इस बार की अंतिम मतदाता सूची कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. व्यापक सत्यापन, आपत्तियों के निस्तारण और नए पंजीकरण की प्रक्रिया के बाद मतदाताओं की संख्या और स्वरूप में काफी बदलाव देखने को मिलेगा. अनुमान है कि अंतिम सूची में प्रदेश के करीब 13.35 करोड़ मतदाता होंगे.

अंतिम मतदाता सूची में अनुमानित संख्या

वर्ष 2025 की मतदाता सूची की तुलना में यह संख्या लगभग दो करोड़ से कम हो सकती है. बड़ी संख्या में नाम कटने के पीछे मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अप्रमाणित मतदाताओं को हटाना प्रमुख कारण है.

एसआईआर अभियान की प्रक्रिया

एसआईआर अभियान पिछले वर्ष 27 अक्टूबर से शुरू होकर चरणबद्ध तरीके से संचालित किया गया. छह जनवरी को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए थे, जिससे ड्राफ्ट सूची में 12.55 करोड़ मतदाता रह गए थे. इसके बाद दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत व्यापक सुनवाई की गई.

वर्ष 2003 के रिकॉर्ड और तार्किक विसंगतियों की जांच

पुनरीक्षण के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिन 1.04 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सके और 2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले मामलों की जांच की गई. संबंधित मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन जो लोग निर्धारित समय में प्रमाण नहीं दे सके, उनके नाम अंतिम सूची से बाहर किए गए हैं.

नए मतदाताओं के लिए फार्म-6 और नाम हटाने के फार्म-7

इस बीच, मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन भी प्राप्त हुए हैं. 27 अक्टूबर से छह मार्च के बीच नए मतदाता बनने के लिए 86.69 लाख फार्म-6 जमा किए गए, जबकि 3.18 लाख लोगों ने अपने या अन्य के नाम हटाने के लिए फार्म-7 दाखिल किए. इन आवेदनों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में नए मतदाताओं का बड़ा वर्ग भी शामिल होगा.

विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मिलेगी गति 

अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को भी गति मिलेगी, क्योंकि यही सूची मतदान प्रक्रिया का आधार बनेगी. राजनीतिक दलों और प्रशासनिक मशीनरी की नजर अब इस अंतिम सूची पर टिकी है, क्योंकि इसमें हुए बदलाव सीधे तौर पर चुनावी रणनीति और बूथ स्तर की तैयारियों को प्रभावित करेंगे.

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