धर्म
मंगलवार को गलती से भी न खरीदें ये चीजें, वरना जीवन में आ सकता है बड़ा संकट
मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी और मंगल ग्रह दोनों का प्रतीक माना जाता है. इस वजह से ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है. खास तौर पर कुछ चीजें खरीदने से बचना चाहिए, ताकि मंगल दोष से बचा जा सके. आइए जानते हैं क्या खरीदें और क्या ना.
Panchang Today: 3 फरवरी 2026 का पंचांग, मंगलवार के शुभ-अशुभ मुहूर्त जानें
आज मंगलवार, 3 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास है। पंचांग के अनुसार दिन की तिथि, नक्षत्र और योग के आधार पर शुभ-अशुभ समय तय किया जाता है। ऐसे में कोई भी महत्वपूर्ण काम करने से पहले आज के पंचांग और मुहूर्त जानना बेहद जरूरी माना जाता है.
फाल्गुन मास आज से शुरू, इन सरल उपायों से जागेगा आपका भाग्य और खुशियां दोगुनी
फाल्गुन का महीना भक्ति और उल्लास का अनोखा संगम माना जाता है. यह भगवान शिव और श्रीकृष्ण को समर्पित है. इस दौरान महाशिवरात्रि में शिव की कठोर तपस्या और भक्ति का उत्सव मनाया जाता है, तो होली रंगों, प्रेम, हंसी और आपसी स्नेह से जीवन को रंगीन बना देती है.
माघ पूर्णिमा 2026: स्नान न करने पर लग सकता है दोष! इन आसान उपायों से घर पर पाएं गंगा स्नान जैसा फल
माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को मनाई जा रही है. इस दिन स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व है. शास्त्रों के अनुसार श्रद्धा से किए गए धार्मिक कार्य आत्मशुद्धि और सुख-शांति प्रदान करते हैं, जबकि लापरवाही से आध्यात्मिक लाभ कम हो सकता है.
हसनंबा मंदिर: एक अद्वितीय धार्मिक स्थल जो साल में केवल एक बार खुलता है, जानें इसका रहस्य
कर्नाटक के हसन शहर में बसा हसनंबा मंदिर अपनी रहस्यमयी परंपराओं के कारण बेहद प्रसिद्ध है. यह अनोखा मंदिर साल में सिर्फ एक बार दिवाली के आसपास ही भक्तों के लिए खुलता है. 12वीं शताब्दी की शानदार होयसल शैली में बना यह मंदिर आदि शक्ति देवी को समर्पित है, जो श्रद्धालुओं के बीच आस्था का प्रमुख केंद्र है.
हिमालय की 8000 फीट ऊंचाई पर छिपा देवगुरु पर्वत: भारत का एकमात्र बृहस्पति मंदिर, जानिए इसकी चमत्कारी कहानी
उत्तराखंड की देवभूमि में हर पर्वत और नदी पौराणिक कथाओं से जुड़ी है. इन्हीं में से एक है नैनीताल के ओखलकांडा में देवगुरु पर्वत पर बसा भगवान बृहस्पति का प्राचीन मंदिर. समुद्र तल से लगभग 8000 फीट ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर ज्ञान, तपस्या और आस्था का जीवंत प्रतीक है.