ईरान ने नकारा पाकिस्तान में वार्ता का दावा, शांति बातचीत पर संशय

ईरान ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. लेबनान में जारी इजरायली हमलों और युद्धविराम उल्लंघन के चलते बातचीत फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि उसके वरिष्ठ अधिकारी अमेरिका के साथ वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे हैं. इस बयान के बाद इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है.

इस्लामाबाद के लिए नहीं निकले ईरानी नेता 

ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि न तो विदेश मंत्री अब्बास अराघची और न ही संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ देश से बाहर गए हैं. विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार दोनों नेता तेहरान में मौजूद हैं और अपने आधिकारिक कार्यों में व्यस्त हैं.

एक सूत्र ने स्पष्ट कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा यह खबर चलाई जा रही है कि ईरानी वार्ता दल इस्लामाबाद पहुंच चुका है, जो पूरी तरह गलत है. ईरान ने दोहराया कि जब तक अमेरिका लेबनान में युद्धविराम से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता और इजरायल के हमले जारी रहते हैं, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी.

यह प्रतिक्रिया अमेरिकी अखबार की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कहा गया था कि ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार रात इस्लामाबाद पहुंच गया है. वहीं, एक न्यूज एजेंसी ने भी इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि लेबनान में स्थायी युद्धविराम होने तक अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में शामिल होने की ईरान की कोई योजना नहीं है.

इस बीच, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा आमिर मोगद्दम ने पहले संकेत दिया था कि 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचेगा. हालांकि, लेबनान में इजरायली हवाई हमलों के बाद उन्होंने अपना बयान हटा लिया, जिससे स्थिति और अधिक अस्पष्ट हो गई.

मसूद पेजेशकियन ने जताई चिंता

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी इजरायल के ताजा हमलों पर चिंता जताई और कहा कि ऐसे कदम कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ेगा.

दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता. इस बीच, हाल ही में हुए भीषण हमलों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है.

अनिश्चितता के बावजूद पाकिस्तान ने वार्ता की तैयारियां जारी रखी हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 अप्रैल को बातचीत आयोजित करने की घोषणा की थी. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और इस्लामाबाद के रेड जोन में सेना और रेंजर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है. हालांकि, अभी तक किसी भी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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