बंगाल चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव: महिलाओं को 3000 रुपये महीना, गर्भवती महिलाओं को 21 हजार का वादा

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भाजपा ने महिलाओं और युवाओं को साधने के लिए बड़ा दांव चला है. पार्टी ने 3000 रुपये मासिक सहायता और गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये देने का वादा कर ममता बनर्जी की 'लक्ष्मी भंडार' योजना को सीधी चुनौती दी है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं. खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को साधने के लिए पार्टियां बड़े-बड़े वादे कर रही हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.

इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना संकल्प पत्र जारी करते हुए महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है. पार्टी ने ममता बनर्जी की 'लक्ष्मी भंडार' योजना को टक्कर देने के लिए कई आकर्षक आर्थिक घोषणाएं की हैं.

महिलाओं और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं

भाजपा ने अपने घोषणापत्र में मध्यम और निम्न वर्ग की महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है. इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं को भी 3000 रुपये मासिक भत्ता देने की घोषणा की गई है.

इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं के लिए 21,000 रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देने का वादा किया गया है, ताकि जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाया जा सके. पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि सत्ता में आने पर इस सहायता राशि को और बढ़ाया जा सकता है.

'लक्ष्मी भंडार' योजना को सीधी चुनौती

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मजबूत पकड़ के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 'लक्ष्मी भंडार' योजना को अहम माना जाता है. इस योजना के तहत महिलाओं को सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे महिला मतदाताओं का बड़ा समर्थन टीएमसी को मिला है.

यह योजना 2021 में शुरू हुई थी, जिसमें शुरुआत में सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और एससी/एसटी वर्ग को 1200 रुपये दिए जाते थे. फरवरी 2026 में इसे बढ़ाकर क्रमशः 1500 और 1700 रुपये कर दिया गया. वर्तमान में करीब 2.42 करोड़ महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं.

भाजपा ने इसी योजना के प्रभाव को कम करने के लिए 3000 रुपये मासिक सहायता का वादा किया है, जो मौजूदा राशि से दोगुना है.

युवाओं को साधने की रणनीति

राज्य की 'युवा साथी' योजना के तहत शिक्षित बेरोजगारों को 1500 रुपये मासिक सहायता दी जाती है. यह योजना 21 से 40 वर्ष के युवाओं के लिए लागू है और उन्हें नौकरी मिलने तक आर्थिक मदद प्रदान करती है.

भाजपा ने इस योजना का मुकाबला करते हुए युवाओं को 3000 रुपये मासिक सहायता देने की घोषणा की है. साथ ही पार्टी ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का वादा भी किया है.

पार्टी नेताओं ने कहा है कि सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर महिलाओं और युवाओं को यह आर्थिक सहायता देना शुरू कर दिया जाएगा.

अन्य राज्यों की योजनाओं का मॉडल

भाजपा ने अन्य राज्यों में लागू की गई योजनाओं के अनुभव को भी अपने संकल्प पत्र में शामिल किया है.

  • मध्य प्रदेश में 'लाडली बहना योजना' के तहत महिलाओं को 1250 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं.
  • छत्तीसगढ़ में 'महतारी वंदन योजना' के तहत विवाहित महिलाओं को 1000 रुपये मासिक सहायता मिलती है.
  • महाराष्ट्र में 'मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना' के जरिए 1500 रुपये दिए जा रहे हैं.
  • ओडिशा में 'सुभद्रा योजना' के तहत महिलाओं को सालाना 10,000 रुपये मिलते हैं.
  • असम में 'ओरुनोदोई योजना' के तहत 1250 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में भाजपा का यह संकल्प पत्र साफ संकेत देता है कि पार्टी महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर चुनावी रणनीति बना रही है. 'लक्ष्मी भंडार' और 'युवा साथी' जैसी योजनाओं को चुनौती देकर भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag