ईरान संकट के बीच एयर इंडिया ले सकती है बड़ा फैसला, नहीं मिलेगी खाने की सुविधा

एयर इंडिया डोमेस्टिक और दो घंटे तक की दूरी वाली इंटरनेशनल उड़ानों में खाने और लाउंज की सुविधा को ऑप्शनल बनाने प्लान कर रही है. जिसके चलते टिकट के प्राइस में 250 रुपये की कमी देखने को मिल सकती है. 

Shraddha Mishra

हाल ही में इनटरनेवाल एयरलाइन एयर इंडिया को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया डोमेस्टिक और दो घंटे तक की दूरी वाली इंटरनेशनल उड़ानों में खाने और लाउंज की सुविधा को ऑप्शनल बनाने प्लान कर रही है. इस सुविधा के अनुसार, जो यात्री खाना नहीं लेने का ऑप्शन चुनेंगे उन यात्रियों को टिकट के प्राइस में 250 रुपये की कमी देखने को मिल सकती है. 

लाउंज के लिए अलग होगी सुविधा 

खाने के अलावा एयर इंडिया, लाउंज की सुविधा भी बदलने का प्लान कर रही है. इसके अंतर्गत जो यात्री लाउंज की  सुविधा का इस्तेमाल नहीं करना चाहते उन्हें भी टिकट के प्राइस में गिरावट देखने को मिलेगी. बता दें, मेट्रो वाले शहरों में लाउंज का खर्चा 1100 से 1400 रुपये के बीच और छोटे शहरों में 600 से 700 रुपये  के बीच रहता है.   

लाउंज की सुविधा के लिए औसतन एक यात्री पर लगभग 1000 रुपये खर्च किया जाता है. ऐसे में अगर कोई बिजनेस क्लास यात्री समय की कमी के कारण इसका उपयोग नहीं करना चाहता तो वह इस ऑप्शन को हटाकर टिकट कम दामों में पा सकता है.

क्यों हो रहा ये बदलाव 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया ने शुरू से ही अपने टिकट के किराए में खाने को शामिल किया है. हालांकि एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये के कमजोर होने की वजह से अब टिकट की कीमतें बढ़ रही हैं. भारत जैसे कीमत-संवेदनशील बाजार में, किराए में और बढ़ोतरी होने पर यात्री परिवहन के दूसरे साधनों, जैसे कि ट्रेन या सड़क यात्रा को चुन सकते हैं. इसी वजह से एयरलाइन इस तरह के बदलावों पर विचार कर रही है. बता दें, दुनिया भर की कई एयरलाइंस इन बदलावों को पहले ही अपना चुकी हैं. यही वजह है कि धीरे-धीरे फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट एयरलाइंस के बीच का अंतर खत्म होता जा रहा हैं.

एअर इंडिया को हुआ 24 करोड़ का नुकसान  

एयर इंडिया ग्रुप अपनी नई नैरो-बॉडी फ्लीट के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस में JPC (जॉइंट प्रोडक्ट कॉन्सेप्ट) मॉडल लागू करने की योजना बना रहा है. यह एक ऐसा सेगमेंट है जिसमें यात्रियों की संख्या ज़्यादा होती है और ऑपरेटिंग लागत कम होती है. इस मॉडल के तहत, मुफ़्त खाना औरलाउंज जैसी सुविधांए नहीं दी जाती हैं. इसके साथ ही रेवेन्यू बढ़ाने के लिए, कंपनी बोर्डिंग पास के पीछे विज्ञापन दिखाने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है. हालांकि यह तरीका पहले से ही एयर इंडिया एक्सप्रेस में लागू है.

बता दें, ईरान संकट की वजह से दुनिया भर की एयरलाइंस असर देखने को मिला है. यही वजह है कि पिछले वित्त वर्ष एयर इंडिया को 24 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा. हालांकि इस बदलाव से इस नुकसान के कम होने की उम्मीद है. 

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