ऑपरेशन सिंदूर 72 घंटे में क्यों रोका गया? राजनाथ सिंह ने बताई वजह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को 72 घंटे में रोकना कोई मजबूरी नहीं, बल्कि भारत का रणनीतिक फैसला था. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ती तो भारतीय सेना लंबी जंग के लिए पूरी तरह तैयार थी.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को किसी मजबूरी या संसाधनों की कमी के कारण नहीं रोका गया था, बल्कि यह फैसला पूरी तरह भारत की रणनीति और शर्तों के अनुसार लिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना हर स्थिति के लिए तैयार थी और जरूरत पड़ने पर लंबी लड़ाई लड़ने में भी सक्षम थी.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई को शुरू किए गए इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. इस कार्रवाई ने न सिर्फ दुश्मन को कड़ा संदेश दिया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत का भी प्रदर्शन किया.

'अपनी शर्तों पर रोका गया ऑपरेशन'

रक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा, "मैं यहां फिर से स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमने वह ऑपरेशन इसलिए बंद नहीं किया कि हमारी क्षमता कम हो गई थी. हमने उसे अपनी मर्जी से अपनी शर्तों पर रोका. अगर जरूरत पड़ती, तो हम लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह से तैयार थे. हमारी सर्ज कैपेसिटी यानी अचानक जरूरत के समय, क्षमता विस्तार करने की ताकत भी, हमारे पास मौजूद थी. थी ही नहीं, बल्कि अभी भी है और पहले से और अधिक दुरुस्त है."

डिटरेंस का उदाहरण बना ऑपरेशन सिंदूर

राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन को दुश्मन के मन में डर पैदा करने वाली कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर, दुश्मन के मन में डर पैदा करने या डिटरेंस का एक ठोस उदाहरण था. मुझे 'डिटरेंस' के बारे में सिर्फ एक ही लाइन याद आती है: 'भय बिन होय न प्रीत', जिसका अर्थ है कि डर के बिना प्रेम या सम्मान पैदा नहीं हो सकता. यही डिटरेंस का असली सार है."

उन्होंने आगे कहा, "यही बात अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी लागू होती है. दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए एक शक्तिशाली 'डिटरेंस' बेहद जरूरी है."

72 घंटे का ऑपरेशन, लेकिन लंबी तैयारी

रक्षा मंत्री ने बताया कि भले ही यह ऑपरेशन 72 घंटे में पूरा हो गया हो, लेकिन इसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी. उन्होंने कहा, "हो सकता है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ 72 घंटों में पूरा हो गया हो, लेकिन मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि इसके पीछे की तैयारियां बहुत लंबी थीं. जैसा कि मैंने अभी कहा, अगर जरूरत पड़ी तो हम एक लंबी जंग लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं."

तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत

राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन में तीनों सेनाओं के तालमेल की सराहना की. उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर, हमारी सेनाओं के बीच एकजुटता की भी एक मिसाल थी. थल सेना, वायुसेना, नौसेना, सभी ने एक साथ, एक योजना के तहत, यह दिखा दिया कि भारत की सैन्य शक्ति अब साइलोज में काम नहीं करती, बल्कि यह एक साझा, आपस में जुड़ी हुई और वैश्विक ताकत के रूप में उभर चुकी है."

पाकिस्तान पर साधा निशाना

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश बताया. उन्होंने कहा, "हमने हमेशा देखा है कि पाकिस्तान जैसे देश लगातार आतंकवाद को समर्थन देते आए हैं. यही कारण है कि भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही समय आजाद हुए लेकिन आज भारत को पूरी दुनिया में जहां . यानी Information Technology के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान दूसरे .. यानी International Terrorism का मरकज माना जाता है."

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