फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में गिरा झूला, पुलिसकर्मी की मौत, 1 दर्जन से ज्यादा लोग घायल
सूरजकुंड मेले में सुनामी थीम वाले झूले के गिरने से पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई और 13 लोग घायल हुए. घायलों को बचाने के दौरान इंस्पेक्टर दब गए. मेला क्षेत्र सील को सील कर दिया गया है. जांच शुरू हो गई है. पहले फूड कोर्ट गेट गिरने की घटना हुई थी.

फरीदाबादः फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना ने पूरे आयोजन को मातम में बदल दिया. सुनामी से बचाव के लिए लगाए गए एक बड़े झूले के अचानक गिरने से एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई और 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा तब हुआ जब झूला अचानक टूटकर गिर पड़ा, जिससे सवार पर्यटक जमीन पर जा गिरे.
झूला के टूटने से मचा हड़कंप
मेला परिसर में पर्यटकों की भारी भीड़ थी. सुनामी थीम वाला यह झूला बच्चों और युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय था. अचानक तेज आवाज के साथ झूला ढह गया. सवार लोग चीखते-चिल्लाते नीचे गिरे. मौके पर मौजूद लोग घबरा गए. घायलों को बचाने के लिए तुरंत पुलिस और मेडिकल टीम पहुंची. इसी दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने बहादुरी से घायलों को निकालने की कोशिश की, लेकिन गिरते हिस्से के नीचे दब गए. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
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— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) February 7, 2026
फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला चल रहा है। सुनामी झूले में 18 लोग सवार थे। ऊपर जाकर झूला अटक गया। कुछ लोगों को नीचे उतारा गया। उसी वक्त झूला नीचे गिर गया। इंस्पेक्टर की मौत हुई है, 13 लोग घायल हैं। https://t.co/dMxwdSkjNH pic.twitter.com/oU0g0biZDi
अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. घायलों को फरीदाबाद के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. कई की हालत नाजुक बताई जा रही है. घटना के बाद मेला प्रशासन ने तुरंत इलाके को सील कर दिया. बैरिकेड लगाकर भीड़ को दूर रखा गया ताकि और कोई हादसा न हो.
पहले भी जारी की गई थी चेतावनी
इससे पहले दिन में तेज हवाओं के कारण फूड कोर्ट का एक गेट गिरने की घटना हुई थी. अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन सुरक्षा के और कड़े इंतजाम नहीं किए गए. सूरजकुंड मेला हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन इस बार मौसम की मार और सुरक्षा में चूक ने बड़ा हादसा कर दिया.
जिला उपायुक्त, पर्यटन प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने राहत कार्यों का जायजा लिया और घायलों से मिलकर हालचाल जाना. मेला आयोजन समिति ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी. झूला ऑपरेटर और सुरक्षा एजेंसी की लापरवाही की जांच शुरू हो गई है.
मेला प्रभावित, पर्यटक परेशान
हादसे के बाद मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई. कई पर्यटक डर के मारे घर लौट गए. आयोजकों ने घोषणा की कि सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच के बाद ही बाकी आकर्षण शुरू किए जाएंगे. पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित क्षेत्र बंद रहेगा.


