आरएसएस के कार्यक्रम में पहुंचे सलमान खान, शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत को नहीं आया रास...अभिनेता पर कसा तंज
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरएसएस के शताब्दी समारोह में सलमान खान की मौजूदगी को राजनीतिक स्टंट बताया और मुसलमानों को लुभाने की कोशिश करार दिया. उन्होंने उद्धव ठाकरे से विधान परिषद में वापसी की अपील की, नई महापौर को 'उधार' वाली बताया और जिला परिषद चुनावों को 'बच्चों का खेल' कहकर खारिज किया.

मुंबईः शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रविवार को एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर बीजेपी-आरएसएस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने हाल ही में आरएसएस के शताब्दी समारोह में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी पर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया.
आरएसएस-सलमान खान की मुलाकात
राउत ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ सलमान खान की तस्वीरें देखकर लगता है कि यह मुसलमानों को आकर्षित करने की कोशिश है या बस भीड़ जुटाने का तरीका. उन्होंने पूछा, "क्या सलमान को सिर्फ लोगों को लुभाने के लिए बुलाया गया, या यह दिखाने के लिए कि संघ अब मुसलमानों का स्वागत करता है?"
राउत ने दावा किया कि जमीन पर चर्चा से पता चलता है कि निमंत्रण विश्वास से ज्यादा दबाव का था. लोग फुसफुसा रहे थे कि 'जाना ही पड़ेगा, सत्ता हाथ से निकल गई तो कौन आएगा मंच पर?' उन्होंने आरएसएस के ऐतिहासिक मुस्लिम-विरोधी रुख का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यह सब चुनावी हताशा का नतीजा है. राउत ने भागवत से स्पष्ट जवाब मांगा कि क्या यह सच्ची एकता की कोशिश है या सिर्फ प्रचार.
उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में वापसी का आह्वान
महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की एकजुटता पर बात करते हुए राउत ने कहा कि राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के लिए गठबंधन मजबूत हो रहा है. सबसे महत्वपूर्ण उनकी उद्धव ठाकरे से अपील थी. राउत ने कहा, "हमने उद्धव ठाकरे से विधान परिषद में लौटने का अनुरोध किया है. मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य और जनता की सेवा की, अब विधानसभा में उनकी मौजूदगी जरूरी है. एमवीए की सामूहिक इच्छा है कि वे आगे बढ़कर नेतृत्व करें." उन्होंने जोर दिया कि उद्धव की वापसी से विपक्ष मजबूत होगा और महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आएगा.
'उधार' वाली महापौर पर तंज
राउत ने नई मुंबई महापौर ऋतु तावड़े पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी को शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के मराठी अस्मिता के दबाव के कारण मराठी महापौर नियुक्त करनी पड़ी. राउत ने कहा कि तावड़े कांग्रेस की 'उधार' उम्मीदवार हैं, जो बीजेपी ने मजबूरी में चुनी. यह कदम मराठी भावनाओं को शांत करने की कोशिश है, लेकिन असली ताकत विपक्ष में है.
जिला परिषद चुनाव
राउत ने चल रहे जिला परिषद चुनावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने पैठन में एक विधायक द्वारा कथित तौर पर छोटे बच्चों को मतदान केंद्र लाने और ईवीएम में खराबी की घटनाओं का जिक्र किया. राउत ने कहा, "यह अब चुनाव नहीं रहा, बच्चों का खेल बन गया है. ईवीएम में गड़बड़ी, बच्चों को वोट डलवाना—यह लोकतंत्र का मजाक है." उन्होंने चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि ऐसे तरीकों से जीत हासिल करने वाली सरकार जनता के सामने बेनकाब हो जाएगी.


