अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार दुश्मनी बहुत चिंता का विषय...बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या पर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार दुश्मनी बहुत चिंता का विषय है. हम बांग्लादेश में हाल ही में एक हिंदू युवक की हत्या की निंदा करते हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्ली: भारत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर लगातार दुश्मनी और हिंसक घटनाएँ बेहद चिंता का विषय हैं. उन्होंने विशेष रूप से हाल ही में हुए एक दुखद मामले का जिक्र किया, जिसमें एक हिंदू युवक की हत्या कर दी गई.

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि भारत इस घटना की निंदा करता है और दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने की उम्मीद करता है. उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की जिम्मेदारी है. भारत लगातार बांग्लादेश सरकार से अपील करता रहा है कि वह अपनी सीमाओं के भीतर रहने वाले सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए.

अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा

बांग्लादेश में हाल के वर्षों में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है. इन घटनाओं में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हमले, संपत्ति पर कब्जा और व्यक्तिगत हमले शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों का उचित समाधान न होने पर समुदायों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती है.

न्याय सुनिश्चित करने की अपील

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की प्राथमिकता यह है कि दोषियों को जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया के तहत न्याय दिलाया जाए. उन्होंने बांग्लादेश से आग्रह किया कि वह सुनिश्चित करे कि हिंसा के सभी मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो. इसके अलावा, उन्होंने दोहराया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना न केवल मानवाधिकारों की दृष्टि से बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है.

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर

इस तरह की घटनाओं का भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी असर पड़ सकता है. दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव गहरा है, और भारत अक्सर बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण पर निगरानी रखता है. प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस मामले पर बांग्लादेश सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव प्रयास करेगा कि घटना के दोषियों को न्याय मिले.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता

अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन चुकी है. मानवाधिकार संगठनों ने भी इस पर ध्यान आकर्षित किया है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है. भारत ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए बांग्लादेश से आग्रह किया है कि वह ऐसे अपराधों को रोकने और भविष्य में समान घटनाओं से बचने के लिए ठोस उपाय करे.

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