केन्या में चींटियों की तस्करी बढ़ी, एक चींटी की कीमत 20 हजार रुपये! अवैध व्यापार के पीछे क्या है वजह?

गिलगिल, केन्या की रिफ्ट वैली का एक शांत और हरा-भरा कृषि शहर है, जहां हर तरफ हजारों चींटियों के विशाल टीलों से चींटियों के झुंड निकलते दिखते हैं. लेकिन इस खूबसूरत नजारे के पीछे एक गंभीर समस्या छिपी है लेकिन क्या?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

केन्या में इस समय बारिश का सुहाना मौसम छाया हुआ है. बारिश के इन दिनों में मेहनतकश चींटियां भी अपने बिलों से बाहर निकलकर सक्रिय हो जाती हैं. खासकर केन्या की रिफ्ट वैली में स्थित शांत कृषि प्रधान शहर गिलगिल और उसके आसपास के इलाकों में हजारों चींटियों के टीले इस समय चहल-पहल से भर जाते हैं. लेकिन इस सुहाने मौसम के साथ ही चींटियों के लिए एक बड़ा संकट भी खड़ा हो गया है.

गिलगिल शहर अब चींटियों के अवैध व्यापार का प्रमुख केंद्र बन गया है. तस्करों के लिए बारिश का यह मौसम रानी चींटियों को पकड़ने का सबसे अच्छा अवसर होता है. हैरानी की बात यह है कि यहां एक रानी चींटी की कीमत 20 हजार रुपये तक पहुंच रही है.

गिलगिल बन गया चींटी तस्करी का हॉटस्पॉट

केन्या के गिलगिल इलाके में बारिश शुरू होते ही चींटियों के टीले सक्रिय हो जाते हैं. तस्कर इन मौकों का फायदा उठाकर रानी चींटियों को पकड़ने में जुट जाते हैं. इन चींटियों की सबसे ज्यादा मांग ‘जायंट अफ्रीकन हार्वेस्टर एंट’ (Giant African Harvester Ant) की है, जो आकार में बड़ी और लाल रंग की होती हैं.  यह ब्लैक मार्केट मुख्य रूप से ऑनलाइन चलता है. एक रानी चींटी की कीमत £170 (लगभग 18,500 से 20,000 रुपये) तक पहुंच सकती है.

रानी चींटी की खासियत

एक अकेली रानी चींटी पूरी कॉलोनी बसाने में सक्षम होती है और दशकों तक जीवित रह सकती है. इन्हें डाक के जरिए विदेश भेजना भी आसान है क्योंकि स्कैनर्स अक्सर जैविक पदार्थों को आसानी से नहीं पकड़ पाते.  इन चींटियों को वैज्ञानिक भाषा में मेसर सेफैलोट्स कहा जाता है. ये पूर्वी अफ्रीका की मूल निवासी हैं और बीज इकट्ठा करने के अपने अनोखे व्यवहार के कारण चींटी संग्राहकों में काफी लोकप्रिय हैं.

पूर्व दलाल का खुलासा

बीबीसी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसने एक समय दलाल के रूप में काम किया था, जो विदेशी खरीदारों को स्थानीय नेटवर्क से जोड़ता था. उसने कहा, "शुरुआत में मुझे पता भी नहीं था कि यह अवैध है."  पूर्व दलाल ने आगे बताया, "एक दोस्त ने मुझे बताया था कि एक विदेशी इन रानी चींटियों के लिए अच्छे पैसे दे रहा है. वे बड़ी लाल कलर में होती हैं और आसानी से दिख जाती हैं.

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