आतंकी नेटवर्क में चल रही अंदरूनी जंग? लाहौर में हाफिज सईद के करीबी हमजा पर चली गोलियां

लाहौर में लश्कर से जुड़े अमीर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और हमले के पीछे की वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

Shraddha Mishra

पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. लाहौर में आतंकी संगठन से जुड़े एक प्रमुख चेहरे पर जानलेवा हमला किया गया है. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के अनुसार, लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने अमीर हमजा को निशाना बनाया. हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर आमिर हमजा को निशाना बनाया गया. अज्ञात बंदूकधारियों ने उसपर अचानक फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गए. इस हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है. उसकी हालत फिलहाल बेहद गंभीर बनी हुई है और उन्हें बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है.

लश्कर-ए-तैयबा से पुराना जुड़ाव

आमिर हमजा का नाम लंबे समय से आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है. उसने लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी और आतंकी सरगना हाफिज सईद का करीबी सहयोगी रहा हैं. उसपर भारत में हुए कई बड़े हमलों की साजिश में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं.

बताया जाता है कि आमिर हमजा अफगान मुजाहिदीन का अनुभवी सदस्य भी रह चुका हैं. वह अपने भाषणों और लेखन के लिए जाना जाता था. उसने लश्कर के आधिकारिक प्रकाशन का संपादन किया और कई किताबें भी लिखीं, जिनमें 2002 में प्रकाशित एक पुस्तक भी शामिल है, जिसमें कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा दिया गया था.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित

अमेरिका के वित्त विभाग ने लश्कर-ए-तैयबा को एक आतंकी संगठन घोषित किया है और आमिर हमजा को भी प्रतिबंधित आतंकवादी की सूची में शामिल किया गया है. माना जाता है कि वह संगठन की केंद्रीय समिति में सक्रिय था और फंडिंग, भर्ती और अन्य गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था.

नए गुट की स्थापना का दावा

साल 2018 में पाकिस्तान में लश्कर से जुड़े संगठनों पर कार्रवाई के बाद, आमिर हमजा के संगठन से अलग होने की खबरें सामने आई थीं. इसके बाद उसने कथित तौर पर एक नया गुट बनाया, जिसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को जारी रखना बताया गया. भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अलग गुट बनाने के बावजूद आमिर हमजा का लश्कर-ए-तैयबा के नेतृत्व से संपर्क बना हुआ है. उसका यह नेटवर्क पाकिस्तान के भीतर सक्रिय बताया जाता है.

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