सीजफायर होते ही ईरान में भयंकर धमाका! लावन तेल रिफाइनरी में कई विस्फोट, आखिर किसने किया हमला?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 40 दिनों से चले युद्ध पर सीजफायर लागू होने के कुछ घंटे बाद लावन द्वीप पर स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में कई बड़े विस्फोट हुए हैं.

नई दिल्ली: ईरान के लावन द्वीप पर स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में बुधवार सुबह कई बड़े विस्फोट हुए हैं. यह घटना अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 40 दिनों से चले युद्ध पर सीजफायर लागू होने के कुछ घंटों बाद हुई है. मेहर न्यूज एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है. हालांकि धमाकों का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. कोई भी पक्ष अभी तक इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता दिख रहा है.
लावन द्वीप का महत्व
लावन आईलैंड फारस की खाड़ी में स्थित है और होर्मोजगान प्रांत का हिस्सा है. इसका क्षेत्रफल करीब 78 वर्ग किलोमीटर है. यह द्वीप ईरान के कच्चे तेल निर्यात के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. यहां से भारी मात्रा में तेल रिफाइन और निर्यात किया जाता है. यह लावन गैस क्षेत्र के ऊपर भी स्थित है और होर्मुज स्ट्रेट से लगभग 450-500 किलोमीटर पश्चिम में है.
At least four US/Israeli airstrikes targeted the Lavan Oil Refinery on Lavan Island in the Persian Gulf.
At least two refinery tanks are now on fire, and the facility's staff have been evacuated. These strikes took place several hours after the beginning of the ceasefire. pic.twitter.com/1xPIXpM5Ki— AMK Mapping 🇳🇿 (@AMK_Mapping_) April 8, 2026
सीजफायर की पृष्ठभूमि
बुधवार सुबह ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच दो सप्ताह के लिए सीजफायर पर सहमति बनी थी. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला न करने का फैसला किया था. ईरान ने कहा था कि संघर्ष-विराम का पालन जरूरी है और कोई भी आक्रामकता का जवाब मजबूती से दिया जाएगा. सीजफायर लागू होते ही लावन द्वीप की रिफाइनरी में कई धमाके रिपोर्ट किए गए. मेहर न्यूज ने बताया कि इन विस्फोटों का स्रोत अज्ञात है.
अन्य जगहों पर भी घटनाएं
सिरी द्वीप पर भी कई धमाकों की खबर आई है, हालांकि वहां भी कारण स्पष्ट नहीं है. इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा कि उसकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ईरान से आने वाली मिसाइलों पर जवाबी कार्रवाई कर रही है. कुवैत पर भी हमलों की कुछ रिपोर्ट्स आई है.
स्थिति पर नजर
यह घटना सीजफायर के तुरंत बाद होने से तनाव बढ़ा रही है. क्षेत्र में तेल उत्पादन और निर्यात पर इसका असर पड़ सकता है. फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में छोटी-छोटी घटनाएं भी बड़े संघर्ष को फिर से भड़का सकती हैं. क्षेत्र की सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर सभी की नजर बनी हुई है.


