बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की मिली धमकी, खोजी दस्ते ने शुरू किया तलाशी अभियान
बिहार विधानसभा को शुक्रवार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है. सूचना मिलने के बाद खोजी दस्ता टीम मौके पर पहुंची और परिसर की गहन जांच कर रही है.

बिहार और दिल्ली में विधानसभाओं को बम से उड़ाने की धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है. बिहार पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को बिहार विधानसभा से जुड़े अधिकारियों को एक ईमेल मिला, जिसमें परिसर को विस्फोट से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी. इस सूचना के मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे क्षेत्र में सघन जांच शुरू कर दी गई.
एसडीपीओ अनु कुमारी ने क्या कहा?
सचिवालय-1 की एसडीपीओ अनु कुमारी ने बताया कि जैसे ही धमकी की जानकारी मिली पुलिस ने तत्काल बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की टीम को मौके पर तैनात कर दिया. विधानसभा परिसर के हर कोने की बारीकी से तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले 13 मार्च को भी इसी तरह की धमकी मिली थी, जो बाद में निराधार साबित हुई थी. इसके बावजूद इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है.
इसी तरह का एक मामला दिल्ली में भी सामने आया, जहां गुरुवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल कई सरकारी दफ्तरों और संस्थानों को भेजा गया. यह ईमेल सुबह करीब 8:14 बजे प्राप्त हुआ, जिसमें विधानसभा, सचिवालय, कुछ स्कूलों और एक मेट्रो स्टेशन पर अलग-अलग समय पर विस्फोट होने की बात कही गई थी. इस सूचना के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी.
बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया. बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और अन्य विशेषज्ञ टीमों ने विधानसभा भवन, सचिवालय, स्कूलों और मेट्रो स्टेशनों की गहन जांच की. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में ईमेल फर्जी प्रतीत हो रहा है, लेकिन किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसलिए सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है.
इसके अलावा, ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां तकनीकी माध्यमों से ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं. दोनों ही मामलों में प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.


