इडली-वड़े और 'Gas Charge'... सोशल मीडिया पर वायरल बिल देख भड़के लोग, फिर AI ने खोली पोल

सोशल मीडिया पर चेन्नई के एक रेस्टोरेंट का कथित बिल वायरल हुआ जिसमें इडली-वड़ा के साथ गैस चार्ज जोड़ा गया था. बाद में एआई टूल ग्रोक ने जांच में बताया कि यह तस्वीर फर्जी है और एआई से बनाई गई है.

Shraddha Mishra

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी तस्वीरें और खबरें सामने आ जाती हैं जो पहली नजर में बिल्कुल असली लगती हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह पूरी तरह झूठ या भ्रामक होती हैं. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें एक रेस्टोरेंट का कथित बिल इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया. इस बिल में इडली और मेदू वड़ा जैसे साधारण खाने के साथ अलग से “गैस चार्ज” जोड़ा गया था. 

इसे देखकर लोग नाराज हो गए और सोशल मीडिया पर रेस्टोरेंट को जमकर आलोचना का सामना करना पड़ा. वायरल तस्वीर में चेन्नई के एक रेस्टोरेंट का बिल दिखाया गया था.  इसमें 33 रुपये की इडली और 33 रुपये के मेदू वड़े का जिक्र था. इन दोनों के नीचे करीब 9.52 रुपये का “गैस चार्ज” भी जोड़ा गया था. बिल में गैस का अलग से शुल्क देखकर लोग चौंक गए. 

नकली है ये बिल!

इन दिनों देश में गैस की कमी को लेकर अफवाहें भी फैल रही है. ऐसे माहौल में जब यह बिल सामने आया तो कई लोगों ने इसे सच मान लिया और सोशल मीडिया पर नाराजगी जताने लगे. कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या अब रेस्टोरेंट खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाली गैस का पैसा भी ग्राहकों से वसूलेंगे. हालांकि थोड़ी ही देर में यह साफ हो गया कि यह बिल असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई नकली तस्वीर थी. 

सोशल मीडिया पर तेजी से फैली तस्वीर

इस विवाद की शुरुआत 12 मार्च 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर हुई. @MuraliS27 नाम के एक यूजर ने इस बिल की तस्वीर शेयर की और तमिल भाषा में सवाल उठाया कि यह किस तरह की ठगी है. इसके बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई. कुछ ही समय में हजारों लोगों ने इसे देख लिया और कई यूजर्स ने इसे आगे शेयर भी किया.

 

एक बड़े टेक अकाउंट @IndianTechGuide ने भी इस पोस्ट को साझा किया, जिसके बाद यह और ज्यादा लोगों तक पहुंच गई. पोस्ट पर हजारों लाइक और कई प्रतिक्रियाएं आने लगीं. कमेंट सेक्शन में कई लोग रेस्टोरेंट मालिकों की आलोचना करते हुए लिखने लगे कि ग्राहकों से इस तरह अतिरिक्त पैसे लेना गलत है. 

AI टूल ने खोला सच

जब सोशल मीडिया पर इस बिल को लेकर काफी बहस हो रही थी, तभी एक यूजर ने इसकी सच्चाई जांचने का फैसला किया. धर्मेश नाम के एक यूजर ने एलन मस्क के एआई टूल Grok को टैग करते हुए पूछा कि क्या यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई है. इस सवाल के जवाब में ग्रोक ने बताया कि यह तस्वीर असली नहीं बल्कि एआई द्वारा तैयार की गई है.  इतना ही नहीं, एआई ने इस नकली बिल में मौजूद कई गलतियों की ओर भी ध्यान दिलाया. 

इन गलतियों से खुला फर्जीवाड़े का राज

ग्रो्क ने बताया कि बिल में कई ऐसी गलतियां हैं जो यह साबित करती हैं कि यह असली नहीं हो सकता.  सबसे पहली गलती जीएसटी नंबर में थी. भारत में किसी भी जीएसटी नंबर में 15 अक्षर या अंक होते हैं, लेकिन इस बिल में सिर्फ 14 ही दिखाई दे रहे थे. 

दूसरी गलती बिल के अंत में लिखे शब्दों में थी. आमतौर पर बिल के नीचे “Thank You” लिखा होता है, लेकिन इस नकली बिल में यह शब्द गलत तरीके से लिखा गया था. तीसरी गड़बड़ी खाने के आइटम के नामों में दिखाई दी. जैसे “Medhi | Vada1” और “Idly ( ! Pcs)” जैसे अजीब फॉर्मेट इस्तेमाल किए गए थे, जो सामान्य बिलिंग मशीन में नहीं होते. 

इसके अलावा बिल में दिया गया रेस्टोरेंट का पता भी असामान्य तरीके से लिखा गया था, जिससे यह और संदिग्ध लगने लगा. जांच में यह भी सामने आया कि चेन्नई के पेरुंगुडी इलाके में Geeraas Restaurant नाम का एक रेस्टोरेंट मौजूद है. हालांकि वायरल तस्वीर में दिखाया गया बिल उस रेस्टोरेंट का नहीं था. 

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