बंगाल चुनाव 2026: शिकायतों के बाद 15 बूथों पर पुनर्मतदान, आरोप-प्रत्यारोप के बीच फिर शुरू हुई वोटिंग

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शिकायतों के बाद 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है. इस फैसले के साथ ही राज्य में सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और चुनावी माहौल और गरमा गया है.

Shraddha Mishra

पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है. दूसरे चरण के मतदान के बाद उठे विवादों के बीच आज दक्षिण 24 परगना जिले के कई बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है. चुनाव आयोग ने अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया है, जिससे निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके.

दक्षिण 24 परगना जिले के कुल 15 मतदान केंद्रों पर आज वोटिंग दोबारा कराई जा रही है. इनमें मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 और डायमंड हार्बर इलाके के 4 मतदान केंद्र शामिल हैं. मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि इस बार प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे.

क्यों लिया गया पुनर्मतदान का फैसला?

चुनाव आयोग ने यह निर्णय संबंधित क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया है. इन रिपोर्टों में मतदान के दौरान कुछ "भौतिक परिस्थितियों" और गड़बड़ियों की ओर इशारा किया गया था. जानकारी के अनुसार, डायमंड हार्बर से 29 और मगराहाट से 13 शिकायतें आयोग को मिली थीं.

आम तौर पर जब मतदान के दौरान गड़बड़ी की आशंका होती है, तब पुनर्मतदान की मांग की जाती है. इसमें ईवीएम में खराबी, बूथ कैप्चरिंग, मतदाताओं को डराना या मतदान की गोपनीयता भंग होने जैसी शिकायतें शामिल होती हैं. ऐसे मामलों में चुनाव आयोग स्थिति का आकलन कर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लेता है.

फाल्टा सीट पर फैसला बाकी

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, डायमंड हार्बर के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. इसके लिए संबंधित रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा.

पुनर्मतदान पर सियासी घमासान

इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है. भाजपा ने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुछ बूथों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं. यह क्षेत्र तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी से जुड़ा हुआ है. आरोपों की जांच के लिए चुनाव आयोग ने अपने विशेष पर्यवेक्षक को भी नियुक्त किया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया है. पार्टी के नेता कुणाल घोष का कहना है कि भाजपा हार के डर से इस तरह की मांग कर रही है. उनके अनुसार, जनता का रुझान पहले से ही साफ है और नतीजे उसी के अनुरूप आएंगे. दूसरी ओर, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि कई बूथों पर जानबूझकर गड़बड़ी की गई ताकि सत्ताधारी पार्टी को फायदा मिल सके. हालांकि, उन्होंने पुनर्मतदान के फैसले का स्वागत भी किया है.

रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई दिलचस्पी

इस बार के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है. चुनाव आयोग के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग 92 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो राज्य के इतिहास में सबसे अधिक है. पहले चरण में 23 अप्रैल को 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत वोट पड़े. इससे पहले 2011 में करीब 84 प्रतिशत मतदान सबसे अधिक माना जाता था.

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