RSS खोलने जा रहा है अपनी पहली यूनिवर्सिटी, ग्वालियर में इस दिन होगा भूमिपूजन, चीफ़ गेस्ट होंगे CM यादव
करीब 55 बीघा जमीन पर बनने वाली इस यूनिवर्सिटी का नाम ऋषि गालव विश्वविद्यालय रखा गया है। इसका संचालन संघ की संस्था मध्य भारत शिक्षा समिति करेगी। प्रोजेक्ट 3 साल में पूरा होगा और कुल लागत 110 करोड़ रुपये आएगी।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। RSS अपना पहला विश्वविद्यालय खोल रहा है। यह यूनिवर्सिटी ग्वालियर में बनेगी। आगामी 4 मई 2026, को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी भूमिपूजन करेंगे।
110 करोड़ की लागत वाली यूनिवर्सिटी का ये होगा नाम!
प्राप्त जानकारियों के अनुसार करीब 55 बीघा जमीन पर बनने वाली इस यूनिवर्सिटी का नाम ऋषि गालव विश्वविद्यालय रखा गया है। इसका संचालन संघ की संस्था मध्य भारत शिक्षा समिति करेगी। प्रोजेक्ट 3 साल में पूरा होगा और कुल लागत 110 करोड़ रुपये आएगी। शुरुआती 30 करोड़ से काम शुरू होगा। लक्ष्य है कि गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से पहला शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाए।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले मुख्य अतिथि
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र बांदिल ने बताया कि भूमिपूजन में CM डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट विशिष्ट अतिथि रहेंगे। मुख्य वक्ता सुरेश सोनी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पाण्डे करेंगे।
आज की शिक्षा से कमजोर हो रहा चरित्र- डॉ. बांदिल
आपको बताते चलें कि डॉ. बांदिल ने कहा कि समिति 1941 से यानी 85 साल से शिक्षा में काम कर रही है। ग्वालियर में पहले से 8 यूनिवर्सिटी हैं, फिर भी नई यूनिवर्सिटी की जरूरत है। आज का छात्र डिग्री तो ले लेता है, नौकरी भी पा जाता है, लेकिन उसका मनोबल और चरित्र कमजोर हो रहा है।
जीवन में अशांति, अकेलापन और दिमाग में उलझन बढ़ रही है। टूटते परिवार, बढ़ते तलाक और आत्महत्याएं इसी का नतीजा हैं। शोध बताते हैं कि मौजूदा शिक्षा पद्धति में मूल्यों की कमी है। शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शिक्षा न मिलने से समाज कमजोर हो रहा है। ऋषि गालव यूनिवर्सिटी इन्हीं कमियों को दूर करेगी।
'भारत प्रथम' का भाव जगाएगी यूनिवर्सिटी
प्रो. बांदिल के अनुसार यूनिवर्सिटी छात्रों में 'स्व' बोध जगाएगी। राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करेगी। हर छात्र में 'भारत प्रथम' और 'हम सबकी भारत माता' का भाव पैदा किया जाएगा। इससे छात्र परिवार, समाज और राष्ट्र से जुड़ेंगे। चरित्र उन्नयन से वे समर्पण भाव से समाज सेवा कर पाएंगे। साथ ही कौशल विकास पर भी जोर रहेगा ताकि छात्र आत्मनिर्भर बनें।
स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब की सुविधा
गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी में रोजगार से जुड़े कोर्स के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, जीवन दर्शन, धर्म और धरोहर से जुड़े पाठ्यक्रम भी चलेंगे। हर कोर्स में चरित्र निर्माण को प्राथमिकता मिलेगी। समिति की टीम ने देश के बड़े विश्वविद्यालयों का दौरा किया है। उसी तर्ज पर यहां स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं बनेंगी। छात्रों के लिए दो बड़े हॉस्टल भी तैयार किए जाएंगे।


