पश्चिम बंगाल में हाई अलर्ट जारी, ममता बनर्जी की सीट के बूथ पर धारा 163 हुआ लागू

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और BJP के शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है. कल रात इलाके में तनाव के बाद, कोलकाता पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मतगणना केंद्र तथा EVM स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

पश्चिम बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है. इस सीट पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और BJP के शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है. कल रात इलाके में तनाव के बाद, कोलकाता पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मतगणना केंद्र तथा EVM स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी. प्रशासन ने इलाके में धारा 163 लागू कर दी है.

क्या है मामला?
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के बाद, सभी EVM मशीनों को सखावत मेमोरियल स्कूल में रखा गया है. इसी स्कूल को मतगणना केंद्र और EVM के लिए स्ट्रांग रूम दोनों के रूप में नामित किया गया है. मिली रिपोर्टों के अनुसार, कल रात स्ट्रांग रूम के आसपास तनावपूर्ण स्थिति और कुछ हलचल के संकेत मिले थे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में स्थित इस स्कूल में लगभग चार घंटे बिताए और देर रात तक वहीं रहीं. 

 EVM 'स्ट्रांग रूम' का दौरा 

ममता बनर्जी ने EVM 'स्ट्रांग रूम' का दौरा किया धांधली का आरोप लगाया और कड़ी चेतावनी दी कि मतगणना प्रक्रिया के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अपने ही निर्वाचन क्षेत्र, भवानीपुर में मतगणना केंद्र पर लगभग चार घंटे बिताने के बाद, बनर्जी रात 12:07 बजे के आसपास परिसर से रवाना हो गई. उन्होंने कहा कि नामित मतगणना क्षेत्र में केवल एक व्यक्ति को ही प्रवेश की अनुमति होगी.

मुख्यमंत्री ने कहा, "जनता के वोटों की रक्षा की जानी चाहिए. शिकायतें मिलने के बाद मैं यहां आई थी. शुरू में, केंद्रीय बलों ने मुझे अंदर जाने से रोक दिया था. उन्होंने घोषणा की, "यदि मतगणना प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करने का कोई भी इरादा है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ममता बनर्जी शाम को 'स्ट्रॉन्ग रूम' वाली जगह पर पहुंचीं, जबकि शहर में मूसलाधार बारिश हो रही थी फिर भी वह डटी रहीं. 

प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम
तनाव की रिपोर्ट मिलने पर कोलकाता पुलिस ने तुरंत सखावत मेमोरियल स्कूल के बाहर और आस-पास के इलाकों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी. स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है. अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. स्कूल के चारों ओर एक मजबूत सुरक्षा घेरा (परिधि) बना दिया गया है. किसी भी अनजान व्यक्ति या वाहन के प्रवेश पर सख़्त रोक लगा दी गई है.


BNS की धारा 163 क्या है?

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 असल में पिछली दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 का ही एक नया रूप है. इसे किसी खास इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू किया जाता है. इसे लागू करने का मतलब है कि उस तय इलाके में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, भीड़ बनाने, विरोध प्रदर्शन करने या किसी भी तरह के हथियार ले जाने पर सख्त रोक है. इस आदेश का उल्लंघन करने पर पुलिस तुरंत गिरफ्तार कर सकती है.

सखावत मेमोरियल स्कूल और उसके आस-पास का पूरा इलाका पुलिस के किले में बदल गया है. स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और शांति बनी हुई है. चुनाव आयोग के अधिकारी, कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर, 24 घंटे लगातार निगरानी रख रहे हैं. इसके लिए वे CCTV कैमरों और जमीनी गश्त, दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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