सुवेंदु सरकार का बड़ा प्रशासनिक दांव, मनोज अग्रवाल बने बंगाल के नए मुख्य सचिव

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वरिष्ठ IAS अधिकारी मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है, जिसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है. नव नियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. 

आधिकारिक आदेश जारी 

इस संबंध में लोक भवन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं. अभी तक मनोज अग्रवाल राज्य निर्वाचन विभाग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ गृह एवं पहाड़ी मामले (चुनाव) विभाग में पदेन अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

मनोज अग्रवाल की नियुक्ति को नई सरकार के प्रशासनिक सुधारों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. भाजपा सूत्रों का कहना है कि पिछली सरकार के दौरान प्रशासनिक नियमों की अनदेखी हुई थी और कई वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी कर नौकरशाही की व्यवस्था को कमजोर किया गया था. ऐसे में नई सरकार ने राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल मनोज अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया है. पार्टी का कहना है कि यह फैसला शासन में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था की गरिमा बहाल करने के वादे के अनुरूप है.

कौन हैं मनोज कुमार अग्रवाल? 

अगर मनोज कुमार अग्रवाल की बात करें तो वह 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने 3 अप्रैल 2025 को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पद संभाला था. वह जुलाई 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं. मनोज अग्रवाल प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने वहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है. उनके पास करीब 36 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है. अपने लंबे करियर में उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति, अग्निशमन तथा आपदा प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दी हैं. हालिया विधानसभा चुनावों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में उनकी भूमिका भी काफी अहम रही थी.

इसी बीच सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेदु अधिकारी की अध्यक्षता में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक भी आयोजित हुई. इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. इनमें पश्चिम बंगाल को आयुष्मान बारत योजना से जोड़ने, सीमा क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) को राज्य में लागू करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल रहे. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में प्रशासनिक सुधार और विकास को नई दिशा मिलेगी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag