Asha Bhosle Hospitalized: ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती 92 वर्षीय सिंगर, पोती जनाई ने ट्वीट कर दिया हेल्थ अपडेट
मशहूर प्लेबैक सिंगर आशा भोसले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. 92 साल की सिंगर को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर उनकी हेल्थ के बारे में अपडेट शेयर किया है.

नई दिल्ली: मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. 92 वर्षीय सिंगर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. उनकी तबीयत को लेकर फैंस के बीच चिंता बढ़ गई है और सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.
इसी बीच उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया के जरिए उनकी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आखिर किस वजह से दिग्गज गायिका को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
पोती ने दी हेल्थ अपडेट
जनाई भोसले ने अपनी दादी की सेहत पर जानकारी देते हुए ट्वीट किया,"मेरी दादी, आशा भोसले को थकान और चेस्ट इंफेक्शन के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. हम आपसे आग्रह करते हैं कि हमारी प्राइवसी का ध्यान रखें. उनका इलाज चल रहा है और उम्मीद है कि सबकुछ ठीक हो जाएगा. हम आपको आगे पॉजिटिव अपडेट देंगे."
My grandmother, Asha Bhosle due to extreme exhaustion and suffering a chest infection has been admitted to hospital and we request you to value our privacy. Treatment is ongoing and hopefully everything will be well and we shall update you positively.
— Zanai Bhosle (@ZanaiBhosle) April 11, 2026
इससे पहले ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टर प्रति समदानी ने भी आशा भोसले के भर्ती होने की पुष्टि की थी. उन्होंने बताया कि सिंगर को उनकी निगरानी में अस्पताल में एडमिट किया गया है, हालांकि उन्होंने आगे की जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. फिलहाल आशा भोसले का परिवार उनके साथ मौजूद है.
फैंस कर रहे दुआएं
आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद उनके चाहने वालों के बीच चिंता का माहौल है. सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं.
संगीत जगत की लेजेंड हैं आशा भोसले
आशा भोसले हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली गायिकाओं में से एक मानी जाती हैं. उन्होंने 1950 के दशक में बॉलीवुड में अपनी गायकी का सफर शुरू किया था. उनकी बड़ी बहन Lata Mangeshkar पहले से ही संगीत जगत का बड़ा नाम थीं, लेकिन आशा ने भी अपनी अलग पहचान बनाई.
फिल्म संगदिल (1952) से उन्हें पहचान मिली, जिसके संगीतकार सज्जाद हुसैन थे. इसके बाद उन्हें Bimal Roy की फिल्म परिणीता (1953) और Raj Kapoor की फिल्म बूट पॉलिश (1954) में गाने का मौका मिला.
ओ.पी. नैय्यर और 'नया दौर' से मिली सफलता
आशा भोसले ने मशहूर संगीतकार O. P. Nayyar के साथ कई गानों में काम किया. हालांकि असली सफलता उन्हें 1957 में आई नया दौर से मिली, जिसके गाने सुपरहिट रहे.
इस दौरान Mohammed Rafi के साथ उनकी जोड़ी बेहद लोकप्रिय रही. दोनों ने ‘मांग के साथ तुम्हारा’, ‘साथी हाथ बढ़ाना’ और ‘उड़ें जब-जब जुल्फें तेरी’ जैसे कई यादगार गीत गाए.
'तीसरी मंजिल' और डांस नंबर्स से बदली पहचान
1966 में उन्होंने R. D. Burman के साथ फिल्म तीसरी मंजिल में गाने गाए, जो काफी लोकप्रिय हुए. इसी दौर में उन्होंने डांस नंबर्स गाने शुरू किए.
कहा जाता है कि 'आजा आजा' गाने को लेकर शुरुआत में उन्हें संदेह था, लेकिन उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया और कड़ी मेहनत के बाद इसे रिकॉर्ड किया. इसके बाद ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’, ‘पिया तू अब तो आजा’ और ‘ये मेरा दिल’ जैसे गानों ने उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया.
गजल से लेकर नए दौर तक कायम रहा जादू
आशा भोसले ने सिर्फ फिल्मी गीत ही नहीं, बल्कि गजल गायकी में भी अपनी खास पहचान बनाई और इसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला.
उन्होंने 90 और 2000 के दशक में रंगीला, लगान, प्यार तूने क्या किया और लकी जैसी फिल्मों में भी अपनी आवाज दी. 91 साल की उम्र में उन्होंने दुबई में कॉन्सर्ट कर ‘तौबा तौबा’ गाना गाकर नई पीढ़ी को भी प्रभावित किया.


