सिंधु जल संधि सस्पेंड होते ही बड़ा कदम, चिनाब नदी पर बनेगा 1856 मेगावाट का पावर प्लांट
सिंधु जल संधि सस्पेंड होने के बाद भारत ने चिनाब नदी पर 5129 करोड़ रुपये की सावलकोट हाइड्रो परियोजना के लिए टेंडर जारी किया है. इस प्रोजेक्ट से 1856 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है, जिससे ऊर्जा और रणनीतिक मजबूती मिलेगी.

नई दिल्ली: सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत ने चिनाब नदी पर एक बड़े जलविद्युत परियोजना की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है. सरकारी कंपनी एनएचपीसी ने जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है. इसे ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक पहल माना जा रहा है.
एनएचपीसी द्वारा जारी टेंडर के अनुसार, इस परियोजना की अनुमानित लागत 5129 करोड़ रुपये है. पूरा काम एक ही पैकेज के तहत किया जाएगा, जिससे निर्माण प्रक्रिया में समन्वय और गति बनी रहे. परियोजना के तहत चिनाब नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने और बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक ढांचा तैयार किया जाएगा.
इस पैकेज में डाइवर्जन टनल, एडिट और डीटी (ड्रिफ्ट टनल) का निर्माण, कोफर डैम बनाना, मांडिया नाला से जुड़े कार्य, राइट बैंक स्पाइरल टनल और एक्सेस टनल शामिल हैं. इसके साथ ही डैम से जुड़े सभी सहायक निर्माण कार्य भी इसी परियोजना का हिस्सा होंगे.
1856 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य
सावलकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट से 1856 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. यह उत्पादन क्षमता जम्मू-कश्मीर की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी. साथ ही राष्ट्रीय पावर ग्रिड को भी मजबूती मिलेगी. माना जा रहा है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी सहायक होगी.
12 मार्च से शुरू होगी बोली प्रक्रिया
एनएचपीसी के अनुसार, इस परियोजना के लिए बोली प्रक्रिया 12 मार्च से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगी. बोली की वैधता 180 दिनों के लिए तय की गई है. निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 3285 दिनों की समयसीमा रखी गई है, यानी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लंबे समय में पूरा किया जाएगा.
चिनाब नदी पर बनने वाला यह प्रोजेक्ट केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है. इसे भारत की जल संसाधन नीति और रणनीतिक हितों से भी जोड़ा जा रहा है. सिंधु जल संधि के संदर्भ में यह कदम भारत की स्थिति को मजबूत करने वाला माना जा रहा है. सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर में विकास की नई दिशा तय कर सकता है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है.


