मेघालय में कोयला खदान में बड़ा धमाका...18 मजदूरों की दर्दनाक मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मेघालय के ताशखाई इलाके में गुरुवार को एक कोयल खदान में भीषण धमाका हुआ. जिससे खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. आशंका जताई जा रही है कि इस दुर्घटना में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हुई है. अपडेट जारी है...

मेघालय : मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के दूरस्थ म्यनसिंघट-थांगस्को क्षेत्र में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट से हुआ भीषण विस्फोट भयानक हादसे का कारण बन गया. इस घटना में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे तुरंत शिलांग रेफर किया गया. अधिकारियों का अनुमान है कि पहाड़ी के आंशिक ढहने से मलबे में कई अन्य खनिक फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
आपको बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया. ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पुष्टि की कि यह डायनामाइट विस्फोट था, जो अवैध खनन के दौरान चट्टानों को तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया गया. अधिकांश मजदूर असम से बताए जा रहे हैं.
SC के प्रतिबंध के बावजूद खनन जारी
यह हादसा 'रैट-होल' खनन की खतरनाक प्रथा की याद दिलाता है, जिस पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने अप्रैल 2014 में पर्यावरणीय क्षति और सुरक्षा जोखिमों के कारण पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रतिबंध को बरकरार रखा, लेकिन केवल वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों से खनन की अनुमति दी. इसके बावजूद, मेघालय में अवैध खनन और कोयला परिवहन की गतिविधियां जारी हैं.
सरकार के आश्वासनों के बावजूद अवैध खनन जारी
मेघालय हाई कोर्ट द्वारा गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ब्रोजेंद्र प्रसाद काटाके समिति ने बार-बार सरकार से ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है. समिति के अनुसार, सरकार के आश्वासनों के विपरीत अवैध खनन थमा नहीं है. मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने पहले दावा किया था कि जिला प्रशासन सतर्क है और अवैध खनन से जुड़े 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं.
यह घटना पिछले महीने दिसंबर 2025 में थांगस्को गांव में हुए एक अन्य विस्फोट की याद दिलाती है, जिसमें दो खनिक मारे गए थे. विशेषज्ञों का कहना है कि बिना उचित सुरक्षा उपायों और लाइसेंस के ऐसे खनन से मानवीय क्षति बढ़ती जा रही है, जिस पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जरूरत है.
Pained by the mishap in East Jaintia Hills, Meghalaya. Condolences to those who lost their loved ones. May the injured recover at the earliest.
— PMO India (@PMOIndia) February 5, 2026
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM…
PM मोदी ने हादसे पर जताया दुख
आपको बता दें कि मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में हुए हादसे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और घायल जल्द से जल्द ठीक हों. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.


