पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सियासी भूचाल, राहुल-प्रियंका का सरकार पर बड़ा हमला
पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत और सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है. राहुल और प्रियंका गांधी ने निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी को कानूनी प्रक्रिया बताया है.

नई दिल्ली: पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है. मामला सामने आते ही राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस घटना और इसके बाद हुई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. साथ ही पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि छात्रा की मौत और उसके बाद की पूरी प्रक्रिया सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती है. उनका आरोप है कि जब परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की तो सरकार ने मामले को भटकाने की कोशिश की.
पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।
पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग की, तो वही पुराना भाजपा-NDA मॉडल सामने आ गया - केस को भटकाओ, परिजनों को…— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 7, 2026
राहुल गांधी ने कहा कि पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार के लिए आवाज उठाई, लेकिन उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से की गई है. उनका दावा है कि जो भी जवाबदेही की मांग करता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना किसी एक केस तक सीमित नहीं लगती, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर स्थिति की ओर इशारा करती है.
प्रियंका गांधी ने भी जताई चिंता
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पप्पू यादव से फोन पर बात की और उन्हें कानूनी सहायता लेने की सलाह दी. प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्रा के साथ कथित रेप और हत्या का मामला बेहद चिंताजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर से लेकर जांच तक हर स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पटना के हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। यह केस सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक है। FIR दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक - सबकुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?…
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 7, 2026
उनका कहना है कि सरकार का रवैया पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रहा है. उन्होंने अन्य राज्यों में हुई महिलाओं से जुड़ी घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब भी ऐसे मामले सामने आते हैं, सरकारें अक्सर आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने में देर करती हैं.
पप्पू यादव की गिरफ्तारी का मामला
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने जमीन विवाद मामले में अदालत में पेश न होने के कारण गिरफ्तार किया गया. यह मामला पुराने आईपीसी की धाराओं 419, 420, 468, 448, 506 और 120B से जुड़ा है, जिन्हें अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत शामिल किया गया है.
पटना पुलिस के अनुसार, अदालत में सुनवाई के लिए उपस्थित न होने के कारण यह कार्रवाई की गई. गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की. सीने में दर्द की बात कहने पर उन्हें पहले पीएमसीएच ले जाया गया और बाद में इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में शिफ्ट कर दिया गया.
गिरफ्तारी के समय क्या हुआ?
जब पुलिस उन्हें पटना स्थित उनके घर से हिरासत में लेने पहुंची, तब पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. उन्होंने मीडिया से कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें नहीं पता कि आगे क्या होगा. इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है. एक ओर कांग्रेस इसे न्याय और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बता रही है, तो दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है.


