'महिला आरक्षण बिल' को लेकर PM मोदी ने विपक्ष से मांगा समर्थन, मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बदले में रख दी ये बड़ी शर्त

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पत्र लिखकर 'महिला आरक्षण बिल' को लेकर विपक्ष से समर्थन की मांग उठी है. इस मांग पर मल्लिकार्जुन खरगे ने करारा जवाब देते हुए एक बड़ी शर्त रखी है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर महिला आरक्षण बिल में जरूरी संशोधन पास करने के लिए समर्थन मांगा है. उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी. 

पीएम मोदी ने पत्र में क्या लिखा?

पीएम मोदी ने लिखा कि काफी सोच-विचार के बाद अब समय आ गया है कि इस कानून को सही मायने में लागू किया जाए. उनका कहना है कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के आरक्षण के साथ कराए जाएं. इससे लोकतंत्र मजबूत होगा, महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और जनता का भरोसा बढ़ेगा. 

उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि वे इस संशोधन का समर्थन करें. यह किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का सवाल है.

खरगे की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी के पत्र पर सख्त जवाब दिया. उन्होंने कहा कि सरकार बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए विपक्ष से सहयोग मांग रही है. खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस बिल को जल्दबाजी में लागू करने की कोशिश कर रही है ताकि महिलाओं को सशक्त बनाने के बजाय सिर्फ राजनीतिक फायदा उठा सके.

खरगे ने याद दिलाया कि साल 2023 में जब यह कानून पास हुआ था, तब कांग्रेस ने मांग की थी कि इसे तुरंत लागू किया जाए, लेकिन अब 30 महीने बीत चुके हैं. उन्होंने कहा कि परिसीमन (delimitation) और अन्य मुद्दों की पूरी डिटेल्स के बिना इस पर कोई सार्थक चर्चा नहीं हो सकती. 

सर्वदलीय बैठक की मांग

खरगे ने अपनी चिट्ठी में साफ शर्त रखी कि 29 अप्रैल 2026 के बाद, जब मौजूदा चुनाव समाप्त हो जाएं, सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. इसमें परिसीमन और संविधान संशोधन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने लिखा कि विशेष सत्र राज्य चुनावों के दौरान बुलाया गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी कर रही है. 

क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है.अब सरकार संशोधन के जरिए इसे 2029 चुनावों से पहले लागू करना चाहती है. इस प्रक्रिया में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने और परिसीमन का मुद्दा भी शामिल है.

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