'अब भारत से माल मंगाओ', अमेरिकी टैरिफ से घबराए चीन ने पलटा पासा

जनवरी में भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब दोनों देशों ने लगभग पांच साल बाद सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई. यह कदम व्यापार और आर्थिक मुद्दों को सुलझाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.

Kamal Kumar Mishra

India- China Trade: चीन ने अमेरिकी टैरिफ नीतियों के जवाब में भारत से अधिक व्यापारिक संबंध स्थापित करने की योजना बनाई है. बीजिंग के राजदूत ने बुधवार को बताया कि चीन भारतीय उत्पादों का आयात बढ़ाने और दोनों देशों के व्यापारिक सहयोग को विस्तार देने के लिए तैयार है. यह घोषणा अमेरिकी टैरिफ की शुरुआत से पहले की गई है, जो 2 अप्रैल से लागू होने जा रही है. अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है, जिससे चीन ने अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए भारत की ओर रुख किया है.

भारत और चीन के बीच संबंधों में 2020 में सीमा विवाद के बाद खटास आई थी, लेकिन दोनों देशों ने हाल के महीनों में एक बार फिर से अपनी साझेदारी को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच और अधिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. भारतीय राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि चीन भारत से अधिक उत्पादों का आयात करेगा, जो चीनी बाजार में उपयुक्त हैं और व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए वे भारत के साथ काम करने के इच्छुक हैं.

भारत के साथ ट्रेड बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहा चीन

इसके साथ ही, शू फेइहोंग ने यह भी कहा कि भारत को चीन की कंपनियों के लिए एक पारदर्शी और निष्पक्ष कारोबारी माहौल तैयार करना चाहिए, ताकि दोनों देशों के बीच लाभकारी सहयोग को और बढ़ाया जा सके. वे भारतीय व्यवसायों को चीन में अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

भारत-चीन के बीच बढ़ा व्यापार

जनवरी में भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब दोनों देशों ने लगभग पांच साल बाद सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई. यह कदम व्यापार और आर्थिक मुद्दों को सुलझाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पिछले वित्तीय वर्ष में 4 प्रतिशत बढ़कर 118.40 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें मुख्य रूप से चीन से भारतीय आयात शामिल हैं.

इस बीच, भारत ने 2020 में सीमा संघर्ष के बाद चीनी निवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो अब तक जारी है. हालांकि, दोनों देशों के बीच टैरिफ नीतियों को लेकर बातचीत जारी है, और भारत अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक संबंधों में सुधार के लिए टैरिफ कम करने की दिशा में काम कर रहा है.

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