DNA को फैलाने और सुपर नस्ल बनाने की योजना...नए दस्तावेजों से जेफ्री एपस्टीन को लेकर फिर फैली सनसनी

अमेरिकी न्याय विभाग ने कुछ दिन पहले करीब 30 लाख दस्तावेज को सार्वजनिक किया था. इसमें जेफ्री एपस्टीन के जीवन, उनकी सोच और उसके अपराधों से जुड़े कई अहम सबूत मिले है. इन दस्तावेजों ने अब कुछ नए राज खोले हैं. दस्तावेजों के अनुसार एपस्टीन ने बेबी रैंच का प्लान, गुप्त रूप से बच्चों को जन्म देने की कोई योजना और नाबालिगों के यौन शोषण के जरिए डीएनए फैलाने के सनसनीखेज दावे किए गए हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं. इन कागजातों ने इस कुख्यात अपराधी की घिनौनी सोच और उसके अपराधों के नए पहलुओं को दुनिया के सामने रख दिया है. सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि एपस्टीन अपनी एक 'सुपर रेस' तैयार करना चाहता था. हालांकि इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पीड़ितों की गवाही और फाइलों में मौजूद सुराग एक गहरी और डरावनी साजिश की ओर इशारा करते हैं.

पीड़िता का दर्दनाक खुलासा

आपको बता दें कि दस्तावेजों में एक पीड़िता की डायरी का जिक्र है जिसने एपस्टीन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का दावा है कि जब वह मात्र 16 या 17 साल की थी, तब एपस्टीन ने उसका यौन शोषण किया. 2002 के दौरान उसने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका सबूत डायरी में मौजूद अल्ट्रासाउंड स्कैन है. वह बताती है कि जन्म के चंद मिनटों बाद ही उसकी संतान को उससे हमेशा के लिए अलग कर दिया गया था.

घिस्लेन मैक्सवेल की भूमिका

पीड़िता का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे एपस्टीन की पूर्व प्रेमिका घिस्लेन मैक्सवेल का हाथ था. मैक्सवेल कथित तौर पर डिलीवरी की निगरानी कर रही थी और उसी के निर्देशों पर बच्ची को मां से दूर किया गया. हालांकि इन दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यह मैक्सवेल और एपस्टीन के बीच के आपराधिक गठजोड़ को और अधिक पुख्ता करता है. इसने जांच एजेंसियों के सामने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं.

जोरो रैंच और बेबी फार्मिंग का सपना

एपस्टीन के पास न्यू मैक्सिको में 'जोरो रैंच' नामक एक विशाल संपत्ति थी. पुरानी रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इस जगह को एक ऐसे केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता था जहां महिलाओं को उसके शुक्राणु से गर्भवती किया जा सके. उसका मानना था कि वह अपने डीएनए को फैलाकर मानवता की एक नई और विशिष्ट नस्ल तैयार कर सकता है. वह वर्षों तक इस विचार को दोहराता रहा, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के ठोस सबूत अभी नहीं मिले हैं.

संस्थानों को दी फंडिंग

अपनी इस सनकी सोच को वैज्ञानिक आधार देने के लिए एपस्टीन ने दुनिया के नामी वैज्ञानिकों के साथ संबंध बनाए. उसने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को लाखों डॉलर का दान दिया और बड़े शोध कार्यक्रमों को आर्थिक सहायता पहुंचाई. उसकी भव्य पार्टियों में स्टीफन हॉकिंग और किप थॉर्न जैसे दिग्गज वैज्ञानिक भी शामिल हुए थे. वह विज्ञान का उपयोग अपने विवादित सिद्धांतों को सही ठहराने और अपने प्रभाव को समाज के उच्च वर्गों तक फैलाने के लिए करना चाहता था.

दर्जनों नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप

एपस्टीन पर 2002 से 2005 के बीच दर्जनों नाबालिगों के यौन शोषण और तस्करी के आरोप थे. 10 अगस्त 2019 को सुनवाई शुरू होने से पहले ही उसकी जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. हालांकि उसकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन सार्वजनिक किए गए ये नए दस्तावेज आज भी पीड़ितों के लिए न्याय की उम्मीद जगाते हैं. ये कागजात साबित करते हैं कि उसके अपराध केवल शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक संरचना के लिए खतरा थे.

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