बांग्लादेश चुनाव से कुछ दिन पहले अवामी लीग के दिग्गज नेता रमेश चंद्र सेन का निधन

बांग्लादेश में अवामी लीग के दिग्गज नेता और पूर्व जल संसाधन मंत्री रमेश चंद्र सेन का शनिवार को दिनाजपुर जिला जेल में निधन हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, रमेश चंद्र सेन बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और जेल में रहते हुए उनकी हालत और बिगड़ गई.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

बांग्लादेश की राजनीति से एक अहम और वरिष्ठ चेहरा हमेशा के लिए विदा हो गया. अवामी लीग के दिग्गज नेता और पूर्व जल संसाधन मंत्री रमेश चंद्र सेन का शनिवार को दिनाजपुर जिला जेल में निधन हो गया. बताया जा रहा है कि हिरासत में रहते हुए अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रमेश चंद्र सेन की उम्र 86 वर्ष थी.

बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव

यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं. चुनाव से ठीक पहले एक वरिष्ठ नेता के निधन ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, रमेश चंद्र सेन बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और जेल में रहते हुए उनकी हालत और बिगड़ गई.

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब नौ बजे उनकी तबीयत अचानक गंभीर हो गई. जेल प्रशासन ने तुरंत उन्हें दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया, जहां सुबह करीब 9:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दिनाजपुर जिला जेल अधीक्षक फरहाद सरकार के हवाले से बताया गया कि सेन को 17 अगस्त को जेल लाया गया था और वे पहले से ही बीमार थे. जेल में उन्हें उप-कैदी के रूप में रखा गया था.

रमेश चंद्र सेन के बारे में 

रमेश चंद्र सेन बांग्लादेश की राजनीति में एक लंबे समय तक सक्रिय रहे नेता थे. उनका जन्म 30 अप्रैल 1940 को ठाकुरगांव सदर उपज़िला के रुहिया संघ में हुआ था. वे क्षितेंद्र मोहन सेन और बालाश्वरी सेन के पुत्र थे. सेन शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे और सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके थे. 2009 से 2014 के बीच उन्होंने जल संसाधन मंत्री के रूप में कार्य किया और अवामी लीग के सलाहकार पद पर भी रहे.

 पांच बार सांसद चुने गए सेन 

संसदीय राजनीति में भी उनका कद काफी बड़ा रहा. वे कुल पांच बार सांसद चुने गए. पहली बार 1997 में ठाकुरगांव-1 सीट से उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे. इसके बाद 2008, 2014, 2018 और 2024 के चुनावों में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की. शेख हसीना सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद अगस्त 2024 में उन्हें जेल भेज दिया गया था तभी से वे दिनाजपुर जिला जेल में बंद थे.

रमेश चंद्र सेन का निधन ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश में चुनावी माहौल अपने चरम पर है. 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों को अंतरिम सरकार और मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. वहीं, कई सर्वेक्षणों में दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) इस बार बढ़त बनाए हुए है और सत्ता में वापसी कर सकती है.

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