तुर्की में विमान हादसा, लीबिया के सैन्य मिशन को बड़ा झटका, शीर्ष कमांडर समेत 4 अधिकारियों की मौत
एक निजी फाल्कन 50 जेट में लीबिया के शीर्ष सैन्य कमांडर समेत 8 लोग सवार थे. तुर्की में रक्षा सहयोग की एक मीटिंग के बाद लौट रहे ये सभी लोग महज कुछ मिनटों में ही विमान की तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटनाग्रस्त हो गए.

नई दिल्ली: तुर्की की राजधानी अंकारा से उड़ान भरते ही एक निजी जेट के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से लीबिया के सैन्य नेतृत्व को बड़ा झटका लगा है. इस विमान में लीबिया के सैन्य प्रमुख समेत कुल आठ लोग सवार थे, जिनकी इस हादसे में मौत हो गई. लीबियाई अधिकारियों के अनुसार, हादसे की वजह विमान में आई तकनीकी खराबी बताई जा रही है. बताया गया है कि लीबिया का यह उच्चस्तरीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल अंकारा में रक्षा सहयोग को मजबूत करने से जुड़ी अहम बातचीत के बाद स्वदेश लौट रहा था. उड़ान के कुछ ही देर बाद विमान से संपर्क टूट गया और बाद में उसका मलबा अंकारा से दक्षिण में स्थित एक इलाके में मिला.
कैसे हुआ हुआ हादसा?
तुर्की के अधिकारियों के मुताबिक, फाल्कन 50 श्रेणी का यह बिजनेस जेट अंकारा के एसेनबोगा एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ समय बाद रडार से गायब हो गया. एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने मंगलवार शाम विमान से संपर्क टूटने की पुष्टि की थी. यह विमान लीबिया लौट रहा था.
लीबियाई प्रधानमंत्री ने की मौत की पुष्टि
लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल-हामिद डबीबा ने फेसबुक पर जारी बयान में जनरल मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद और चार अन्य अधिकारियों की मौत की पुष्टि की. उन्होंने इस हादसे को दुखद दुर्घटना बताया और कहा कि यह लीबिया के लिए एक अत्यधिक हानि है.
अल-हद्दाद पश्चिमी लीबिया के शीर्ष सैन्य कमांडर थे और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से चल रहे सैन्य एकीकरण प्रयासों में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी.
हादसे में जान गंवाने वाले अधिकारी
इस विमान दुर्घटना में जिन अन्य सैन्य अधिकारियों की मौत हुई, उनमें शामिल हैं:-
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जनरल अल-फितूरी घ्रैबिल, लीबिया की जमीनी सेनाओं के प्रमुख
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ब्रिगेडियर जनरल महमूद अल-क़तावी, सैन्य विनिर्माण प्राधिकरण के प्रमुख
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मोहम्मद अल-असावी दीब, चीफ ऑफ स्टाफ के सलाहकार
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मोहम्मद उमर अहमद महजूब, चीफ ऑफ स्टाफ कार्यालय के सैन्य फोटोग्राफर
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विमान में सवार तीन क्रू मेंबर्स की पहचान तत्काल सार्वजनिक नहीं की गई.
इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश
तुर्की के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि विमान ने रात 8:30 बजे उड़ान भरी थी और करीब 40 मिनट बाद संपर्क टूट गया. इससे पहले पायलट ने हायमाना इलाके के पास आपात लैंडिंग का संकेत दिया था.
तुर्की राष्ट्रपति कार्यालय के संचार प्रमुख बुर्हानेत्तिन दुरान ने कहा कि विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बिजली संबंधी खराबी की सूचना दी थी और आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी थी. हालांकि, लैंडिंग से पहले ही विमान रडार से ओझल हो गया.
मलबा मिला, जांच शुरू
विमान का मलबा अंकारा से करीब 70 किलोमीटर दक्षिण में हायमाना जिले के केसीक्कावाक गांव के पास मिला है. स्थानीय टीवी चैनलों पर प्रसारित सुरक्षा कैमरा फुटेज में रात के आसमान में तेज रोशनी दिखाई दी, जिसे विस्फोट जैसा बताया गया.
तुर्की के न्याय मंत्रालय ने बताया कि हादसे की जांच के लिए चार अभियोजक नियुक्त किए गए हैं. वहीं, लीबिया सरकार ने भी जांच में सहयोग के लिए एक टीम अंकारा भेजने की घोषणा की है.
तुर्की-लीबिया सैन्य संबंधों की पृष्ठभूमि
हादसे से पहले अंकारा दौरे के दौरान जनरल अल-हद्दाद ने तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी. यह दौरा ऐसे समय हुआ जब तुर्की की संसद ने लीबिया में तैनात अपने सैनिकों के जनादेश को दो साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी थी.
2011 में मुअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद लीबिया लंबे समय से राजनीतिक और सैन्य विभाजन से जूझ रहा है. तुर्की पश्चिमी लीबिया की सरकार का सहयोगी रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में उसने पूर्वी प्रशासन के साथ भी संबंध सुधारने की कोशिशें की हैं.


