FBI डायरेक्टर काश पटेल के 300+ ईमेल और तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल, इस हैकर्स ग्रुप ने ली जिम्मेदारी

अमेरिकी अधिकारी काश पटेल का निजी ईमेल अकाउंट हैक कर हैकर्स ने 300 से अधिक ईमेल और निजी तस्वीरें लीक कर दीं. एफबीआई ने पुष्टि की है कि डेटा पुराना है और इसमें कोई संवेदनशील जानकारी शामिल नहीं है.

Shraddha Mishra

डिजिटल दुनिया में एक और बड़ा साइबर हमला सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है. इस बार निशाना बने हैं अमेरिकी अधिकारी काश पटेल, जिनका निजी ईमेल अकाउंट हैक कर लिया गया. हैकर्स ने न सिर्फ ईमेल, बल्कि उनकी निजी तस्वीरें भी ऑनलाइन जारी कर दीं, जिससे इस मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है.

इस साइबर हमले की जिम्मेदारी खुद को “हंडाला” बताने वाले एक हैक्टिविस्ट समूह ने ली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समूह खुद को फिलिस्तीन समर्थक बताता है, लेकिन कई साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके तार ईरान से जुड़े हो सकते हैं.

बताया जा रहा है कि यह समूह पहले भी कई हाई-प्रोफाइल साइबर हमलों का दावा कर चुका है.

क्या-क्या हुआ लीक

हैकर्स ने 300 से ज्यादा ईमेल का एक हिस्सा सार्वजनिक किया है. ये ईमेल 2010 से 2019 के बीच के बताए जा रहे हैं. इनमें निजी बातचीत के साथ-साथ कुछ काम से जुड़े संदेश भी शामिल हैं. हालांकि, इन ईमेल्स की पूरी तरह से पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. इसके अलावा, कुछ निजी तस्वीरें भी साझा की गई हैं, जिनमें पटेल सामान्य जिंदगी के पलों में नजर आ रहे हैं.

FBI का बयान आया सामने

इस मामले पर एफबीआई ने प्रतिक्रिया देते हुए डेटा लीक की पुष्टि तो की है, लेकिन इसकी गंभीरता को कम बताया है. अधिकारियों के अनुसार, लीक हुई जानकारी पुरानी है और इसमें किसी भी तरह की संवेदनशील सरकारी जानकारी शामिल नहीं है. साथ ही, एजेंसी का कहना है कि खतरे को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं.

क्यों बनाए जाते हैं निजी अकाउंट निशाना

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हमलों का मकसद सिर्फ जानकारी चुराना नहीं होता, बल्कि संबंधित व्यक्ति को शर्मिंदा करना और दबाव बनाना भी होता है. निजी ईमेल अकाउंट अक्सर सरकारी सिस्टम की तुलना में कम सुरक्षित होते हैं, इसलिए हैकर्स उन्हें आसान लक्ष्य मानते हैं.

हाल के समय में ऐसे हमलों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक तरह की रणनीति है, जिसके जरिए देशों के बीच तनाव के दौरान एक-दूसरे पर दबाव बनाया जाता है. खासकर जब अंतरराष्ट्रीय हालात तनावपूर्ण हों, तब इस तरह की साइबर गतिविधियां और तेज हो जाती हैं.

यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े अधिकारी का निजी ईमेल हैक हुआ हो. इससे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में ऐसा हो चुका है, जिससे यह साफ होता है कि साइबर सुरक्षा आज के समय में कितनी बड़ी चुनौती बन चुकी है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस अकाउंट से और भी डेटा लीक होगा या नहीं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई संवेदनशील जानकारी सामने नहीं आई है.

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