TCS कांड में बड़ा खुलासा, ट्रेनिंग में देवी-देवताओं पर करते थे अपमानजनक कमेंट्स, एचआर की भूमिका संदिग्ध

नासिक स्थित TCS शाखा में धर्मांतरण की कोशिश और यौन उत्पीड़न के आरोपों में कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक शाखा से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. यहां कथित तौर पर धर्मांतरण की कोशिशों और यौन उत्पीड़न से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहे हैं. इस मामले में अब तक कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक वरिष्ठ एचआर अधिकारी की तलाश जारी है.

संगठित नेटवर्क का खुलासा 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कंपनी के कुछ कर्मचारी और वरिष्ठ स्तर के अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं. आरोप है कि यह समूह नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था, खासतौर पर वे लोग जो आर्थिक रूप से कमजोर हों या निजी समस्याओं से जूझ रहे हों. ऐसे कर्मचारियों को धीरे-धीरे अपने प्रभाव में लेकर उनकी सोच और जीवनशैली बदलने की कोशिश की जाती थी.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी ट्रेनिंग टीम का हिस्सा थे और उन्हें नए कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी रहती थी. प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कुछ आरोपियों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की बात भी सामने आई है. जब कोई कर्मचारी इससे असहज होता था, तो एचआर विभाग से जुड़ी एक अधिकारी उससे संपर्क कर भरोसा बनाने की कोशिश करती थी. इसके बाद संबंधित व्यक्ति पर जीवनशैली और पहनावे में बदलाव के लिए दबाव डाला जाता था.

जांच में क्या सामने आया? 

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में कर्मचारी इतने प्रभावित हो गए कि उन्होंने अपने घरों से धार्मिक प्रतीकों को हटा दिया और परिवार के सदस्यों के साथ विवाद भी किए. पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें शफी शेख, आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी सहित कई अन्य नाम शामिल हैं. इसके अलावा, एक व्हाट्सऐप ग्रुप का भी पता चला है, जहां आरोपियों द्वारा संभावित लक्ष्यों पर चर्चा की जाती थी.

मामले में यौन उत्पीड़न के आरोप भी गंभीर हैं. इस हफ्ते की शुरुआत में आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर एसआईटी का गठन किया गया था. शिकायतकर्ताओं ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है. साथ ही यह भी कहा कि एचआर विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया.

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन गतिविधियों के पीछे कोई वित्तीय लेन-देन या बाहरी फंडिंग तो नहीं थी. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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