सदानंद वसंत दाते को महाराष्ट्र का डीजीपी नियुक्त किया गया

महाराष्ट्र सरकार ने 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी और पूर्व राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

महाराष्ट्र सरकार ने 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी और पूर्व राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति का औपचारिक आदेश राज्य सरकार की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया और इसे राज्यपाल ने भी मंजूरी दे दी. 

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वर्तमान डीजीपी रश्मी शुक्ला का कार्यकाल 3 जनवरी, 2026 को समाप्त होने वाला है. सदानंद वसंत दाते को जनवरी 2024 में इस पद पर नियुक्त किया गया था और बाद में उनका कार्यकाल जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया था.

गृह विभाग के आदेश के अनुसार, दाते का चयन संघ लोक सेवा आयोग की पैनल समिति की सिफारिशों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया गया. दाते जनवरी की शुरुआत में अपने नए पद का कार्यभार संभालेंगे. सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, पुलिस महानिदेशक का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का होना चाहिए. इस नियुक्ति के साथ दाते का कार्यकाल 2027 के अंत तक जारी रहने की उम्मीद है.

सदानंद दाते के बारे में

सदानंद दाते महाराष्ट्र कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. हाल ही में केंद्र ने उनके मूल कैडर में वापसी को मंजूरी दी, जिससे उन्हें डीजीपी के रूप में नियुक्ति का रास्ता खुला. दाते ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें महाराष्ट्र के आतंकवाद-विरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख, मुंबई में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) और संयुक्त आयुक्त (कानून और व्यवस्था), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में उप महानिरीक्षक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में महानिरीक्षक (संचालन), और मीरा-भायंदर व वसई-विरार (एमबीवीवी) के पुलिस आयुक्त शामिल हैं.

दाते को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान बहादुरी और नेतृत्व के लिए विशेष पहचान मिली. उस समय वे मध्य क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत थे. आतंकवादियों से मुकाबले के दौरान उन्होंने एक पुलिस टीम का नेतृत्व किया और खुद घायल हुए. उनके इस साहस और सेवा के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया.

सदानंद दाते का जीवन 

सदानंद दाते का जीवन और करियर संघर्ष और प्रतिभा का उदाहरण है. अपने शुरुआती वर्षों में उन्होंने अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पुणे में अखबार बेचे. शैक्षणिक रूप से भी वे अत्यंत योग्य हैं और उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से एम.कॉम और आर्थिक अपराधों में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है. उनकी नियुक्ति से महाराष्ट्र पुलिस के नेतृत्व में अनुभव और क्षमता का समन्वय और मजबूत होगा.

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