लू की चपेट में महाराष्ट्र, तापमान 44 डिग्री छुआ..., हीटस्ट्रोक से ऑटो ड्राइवर की मौत

महाराष्ट्र में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है. कई शहरों में पारा 44°C तक पहुंच गया है. मार्च से अब तक 15 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं. प्रशासन अलर्ट पर है और अस्पतालों में खास हीटस्ट्रोक वार्ड तैयार किए गए हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

महाराष्ट्र में भीषण गर्मी अब जानलेवा बनती जा रही है. अकोला में मंगलवार को एक ऑटो ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में लू लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है. यह घटना पुराने शहर थाना क्षेत्र की है, जहां ऑटो ड्राइवर अपने वाहन में मृत अवस्था में मिले.थाना प्रभारी नितिन लेवलकर ने बताया कि शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी.

अकोला में ऑटो ड्राइवर की मौत

अकोला के पुराने शहर थाना क्षेत्र में ऑटो ड्राइवर की मौत लू लगने से होने की प्राथमिक आशंका है. पुलिस ने बताया कि शव पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गए. 

महाराष्ट्र में बढ़ती गर्मी का कहर

अकोला, विदर्भ और रत्नागिरी समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.

जिलाधिकारी की मीटिंग और तैयारी

जिलाधिकारी वर्षा मीना की अध्यक्षता में हुई बैठक में हीटस्ट्रोक से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई. सभी सरकारी और ग्रामीण अस्पतालों में हीटस्ट्रोक वार्ड बनाए गए हैं और 37 बेड विशेष रूप से रखे गए हैं.

हीटस्ट्रोक के बढ़ते मामले

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 1 मार्च से 12 अप्रैल तक पूरे महाराष्ट्र में 15 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं. रत्नागिरी में सबसे ज्यादा 6 मामले दर्ज हुए, जबकि पालघर में 2 मामले आए. पुणे, रायगढ़, नासिक, नंदुरबार, जलगांव, जलना और गढ़चिरोली में भी एक-एक मामला सामने आया है.

पुणे में गर्मी से जुड़ी बीमारियां

पुणे महानगरपालिका के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में 600 से ज्यादा लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे. मार्च में ही 654 मरीज नगर अस्पतालों और डिस्पेंसरी में इलाज कराने आए, जिनमें 280 लोगों को डिहाइड्रेशन की समस्या थी. हीट एग्जॉर्शन, हीट रैश, हीट क्रैंप, हीट एडीमा और हीट सिंकोप के भी कई मामले दर्ज किए गए.

प्रशासन अलर्ट मोड में

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने बड़े कदम उठाए हैं. अस्पतालों में दवाइयों और ORS का स्टॉक बढ़ा दिया गया है. गांवों में मुनादी और शहरों में होर्डिंग-पोस्टर के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में कम निकलें. ज्यादा पानी पिएं, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और छाता या टोपी का इस्तेमाल करें.

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