पुणे रेप केस पर NCW सख्त, CM देवेंद्र फडणवीस ने की मृत्युदंड की मांग

महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक डरावनी घटना सामने आई है. पुलिस का कहना है कि एक 65 साल का दिहाड़ी मजदूर चार साल की बच्ची को खाने का लालच देकर एक सुनसान झोपड़ी में ले गया, जहाँ उसने यह भयानक काम किया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग करेगी.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. भोर तहसील के एक शांत गांव में चार साल की मासूम बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और फिर उसकी नृशंस हत्या के मामले ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है. इस जघन्य अपराध के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं.

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस घृणित अपराध को अंजाम देने का आरोप 65 वर्षीय एक दिहाड़ी मजदूर पर लगा है. आरोप है कि वह मासूम बच्ची को खाना देने का लालच देकर फुसलाकर एक सुनसान झोपड़ी में ले गया, जहां उसने इस भयानक कृत्य को अंजाम दिया. सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को घटना के महज एक घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है.

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने लिया स्वतः संज्ञान

इस अमानवीय घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने इस अपराध को "बेहद घृणित और अमानवीय" करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. आयोग के अनुसार, "ऐसी घटनाएं न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद बड़ी खामियों को भी उजागर करती हैं." आयोग ने युवा लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें न्याय दिलाने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है.

सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग

NCW ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) से भी इस मामले की जांच की बारीकी से निगरानी करने का आग्रह किया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए. पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए आयोग ने उनके लिए तत्काल सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है. साथ ही, "पीओसीएसओ (POCSO) अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने और त्वरित अदालत (Fast-Track Court) के माध्यम से शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने" पर जोर दिया गया है. आयोग का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में समय पर न्याय मिलना ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

फडणवीस का सख्त रुख: "मृत्युदंड से कम कुछ नहीं"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है. उन्होंने इस कृत्य को "निंदनीय और दुखद" बताते हुए जनता को कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया. फडणवीस ने स्पष्ट किया कि "राज्य सरकार आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग करेगी और विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति के लिए उच्च न्यायालय से संपर्क करेगी." उन्होंने यह भी दोहराया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी ताकि मासूम के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके.

सीसीटीवी से खुला राज, आरोपी सलाखों के पीछे

मामले की गुत्थी सुलझाने में तकनीक ने बड़ी भूमिका निभाई. पुलिस के मुताबिक, लापता होने से ठीक पहले बच्ची को आरोपी के साथ सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था. इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस सभी साक्ष्यों को मजबूती से कोर्ट के सामने पेश करने की तैयारी कर रही है.

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