पंजाब में सियासी हलचल तेज, AAP में बगावत के बीच हटाई गई हरभजन सिंह की सिक्योरिटी

पंजाब में सियासी हलचल के बीच हरभजन सिंह की सुरक्षा अचानक वापस ले ली गई है. इस कदम के बाद पार्टी में टूट और राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिससे माहौल और गरमा गया है.

Shraddha Mishra

पंजाब की राजनीति इस समय उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है और आम आदमी पार्टी के अंदर चल रही हलचल अब खुलकर सामने आने लगी है. इसी बीच एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है. राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा अचानक वापस ले ली गई है, जिससे कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए हरभजन सिंह को दी गई सरकारी सुरक्षा हटा ली है. उनके निजी सहायक मनदीप सिंह के अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना के यह कार्रवाई की गई. बताया जा रहा है कि उनके घर के बाहर तैनात लगभग 9 से 10 सुरक्षाकर्मियों को तुरंत हटा लिया गया. साथ ही, उन्हें दी गई सरकारी पायलट गाड़ी भी वापस ले ली गई है. इस अचानक फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है.

भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज

यह पूरा मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया जब राघव चड्ढा ने हाल ही में बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा था कि AAP के कई राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं और भाजपा के संपर्क में हैं. इन्हीं संभावित नामों में हरभजन सिंह का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है. हालांकि, हरभजन सिंह ने अभी तक इन खबरों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनकी सुरक्षा वापस लेना इस ओर इशारा करता है कि पार्टी के भीतर कुछ ठीक नहीं चल रहा.

घर के बाहर लिखा गया ‘गद्दार’

इस पूरे विवाद के बीच एक और घटना ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया. हाल ही में हरभजन सिंह के घर के बाहर दीवार पर काले रंग से ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया गया था. इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें कुछ लोग स्प्रे पेंट से यह शब्द लिखते नजर आए. खास बात यह रही कि वहां पुलिस मौजूद थी, लेकिन उन्होंने इसे रोकने के लिए कोई खास कार्रवाई नहीं की, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए.

AAP कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन

शनिवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर विरोध जताया. उन्होंने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर की. कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिन नेताओं को पार्टी ने पहचान दी, वही अब पार्टी को छोड़कर जा रहे हैं, जो कि जनता के भरोसे के साथ धोखा है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान का तीखा बयान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि उन्होंने न केवल पार्टी, बल्कि पंजाब के लोगों के विश्वास को भी तोड़ा है. चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा. उनका कहना था कि भाजपा पंजाब और यहां के लोगों के हितों के खिलाफ काम करती है और हर अच्छे फैसले को रोकने की कोशिश करती है.

पार्टी पर असर नहीं पड़ेगा

भगवंत मान ने यह भी साफ किया कि कुछ नेताओं के जाने से पार्टी कमजोर नहीं होगी. उनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और उसका जनाधार मजबूत है. उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी आगे भी मजबूती से काम करती रहेगी और इस तरह के घटनाक्रम का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.

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