गाजियाबाद में आत्महत्या करने वाली बच्चियों के पिता ने की थीं तीन शादियां, तीनों सगी बहनें...सुसाइड नोट में हुए कई और खुलासे
16, 14 और 12 साल की तीन बहनों (निशिका, प्राची, पाखी) ने अपार्टमेंट की 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. मुख्य वजह कोरियाई कंटेंट की लत और पिता द्वारा फोन छीनकर बेचने से गहरा तनाव. सुसाइड नोट में पिता को संबोधित किया, परिवार में आर्थिक दबाव. पुलिस जांच जारी

गाजियाबादः गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है. 16, 14 और 12 साल की निशिका, प्राची और पाखी नाम की बहनों ने अपने अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस जांच में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जो मामले को और जटिल बना रहे हैं. मुख्य वजह कोरियाई कंटेंट की लत और पिता द्वारा मोबाइल फोन छीनकर बेचने से जुड़ा गहरा मानसिक तनाव बताया जा रहा है.
पिता पर बड़ा कर्ज
पिता चेतन कुमार पर 2 करोड़ रुपये का भारी कर्ज था. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वे बिजली बिल चुकाने के लिए बेटियों के मोबाइल फोन बेच दिए. चेतन ने कहा कि लड़कियां कोरियाई ड्रामा, के-पॉप और ऑनलाइन कंटेंट में इतनी डूबी थीं कि वह उन्हें रोकने के लिए ऐसा कदम उठाया. घटना से 15 दिन पहले फोन छीने गए, जिससे तीनों बहनों में गहरा डिप्रेशन आ गया. वे स्कूल भी नहीं जाती थीं. कोरोना के बाद पढ़ाई छूट गई थी.
उस रात क्या हुआ?
मंगलवार रात करीब 2 बजे तीनों बहनों ने कमरे को अंदर से बंद किया और एक-एक करके बालकनी से कूद गईं. पहले मां का फोन चुराने की कोशिश की, लेकिन कोरियाई ऐप्स और कंटेंट तक नहीं पहुंच पाईं. वे अपने 'कोरियाई दोस्तों' से बात नहीं कर पाईं और गेम नहीं खेल पाईं. पुलिस के अनुसार, फोरेंसिक जांच में मां के फोन में ऐसे ऐप्स का कोई सबूत नहीं मिला.
सुसाइड नोट और डायरी में क्या लिखा?
कमरे से 8-9 पन्नों का सुसाइड नोट और छोटी डायरी मिली, जिसमें कोरियाई संस्कृति के प्रति गहरा लगाव जाहिर है. नोट में पिता को संबोधित किया गया, "सॉरी पापा... कोरिया हमारी जिंदगी थी." कहीं मां का नाम नहीं आया. बहनों ने खुद को कोरियाई नामों से पुकारा मारिया, अलिजा, सिंडी. डायरी में पारिवारिक कलह, फोन छीने जाने का दर्द और "कोरियन नहीं छोड़ सकते" जैसी बातें हैं. दीवारों पर "आई एम वेरी अलोन" जैसे शब्द लिखे थे. फोरेंसिक टीम नोट और उंगलियों के निशान की जांच कर रही है.
परिवार की जटिल संरचना
चेतन की तीन पत्नियां हैं, सुजाता (निशिका की मां), हीना (प्राची-पाखी की मां) और टीना ये तीनों सगी बहनें हैं. पुलिस के अनुसार, बहनें पिता से ज्यादा जुड़ी थीं. 2015 में चेतन की लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध मौत भी हुई थी, जिसे पुलिस ने आत्महत्या मानकर बंद कर दिया.
पुलिस जांच का फोकस
पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है. साइबर टीम बेचे गए फोन के आईएमईआई से कोरियाई ऐप्स का डेटा ट्रेस कर रही है. जांच में पारिवारिक तनाव, आर्थिक दबाव और कोरियाई कंटेंट की लत पर जोर है. अंतिम संस्कार बुधवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर हुआ. यह मामला डिजिटल एडिक्शन, पैरेंटिंग और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है.


