बृजभूषण सिंह की बेटी शालिनी की राजनीति में एंट्री के संकेत, क्या एक परिवार से चार लोग लड़ेंगे चुनाव?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह के परिवार को लेकर हलचल तेज हो गई है. उनके दोनों बेटों के बाद अब बेटी शालिनी सिंह के भी राजनीति में आने के संकेत मिले हैं, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्यों के चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गई है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होती दिख रही है. बाहुबली छवि वाले भाजपा नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का परिवार अब और ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि उनके बाद अब उनकी बेटी शालिनी सिंह के राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं.

अवध से पूर्वांचल तक मजबूत राजनीतिक पकड़ रखने वाले इस परिवार में पहले से ही दो बेटे सक्रिय राजनीति में हैं, और अब बेटी की संभावित एंट्री ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एक ही परिवार से चार सदस्य चुनावी मैदान में उतर सकते हैं.

शालिनी सिंह की सियासत में एंट्री के संकेत

शालिनी सिंह ने हाल ही में राजनीति में कदम रखने को लेकर संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि अगर परिस्थितियां अनुकूल बनती हैं, तो वह चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगी. उनके इस बयान के बाद से ही उनके चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा तेज हो गई है.

नोएडा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा

शालिनी सिंह के 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नोएडा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं. इस पर उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि उन्होंने पूरी तरह मन बना लिया है या नहीं, लेकिन अगर हालात बने तो उन्होंने इससे इनकार भी नहीं किया है.

इस बयान से यह साफ है कि वह चुनावी राजनीति में कदम रखने को लेकर संभावनाएं खुली रखे हुए हैं.

परिवार का मजबूत राजनीतिक बैकग्राउंड

बृजभूषण शरण सिंह के परिवार में पहले से ही राजनीतिक सक्रियता बनी हुई है. उनके बड़े बेटे प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर सीट से विधायक हैं, जबकि छोटे बेटे करण भूषण सिंह कैसरगंज से सांसद हैं.

अब अगर शालिनी सिंह भी राजनीति में आती हैं, तो परिवार की राजनीतिक उपस्थिति और मजबूत हो सकती है.

पंकज सिंह की सीट पर बढ़ेगा मुकाबला?

जिस नोएडा विधानसभा सीट से शालिनी सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा है, वहां से पंकज सिंह लगातार दो बार विधायक हैं. वह भाजपा से ही जुड़े हैं और शालिनी सिंह का परिवार भी भाजपा में सक्रिय है.

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर शालिनी सिंह इसी सीट से चुनाव लड़ती हैं, तो पार्टी के भीतर समीकरण कैसे बनेंगे.

क्या एक परिवार से चार लोग लड़ेंगे चुनाव?

अगर शालिनी सिंह चुनावी मैदान में उतरती हैं, तो यह स्थिति बन सकती है कि एक ही परिवार से चार सदस्य चुनाव लड़ें. बृजभूषण सिंह के दोनों बेटे पहले से ही सक्रिय हैं, और खुद बृजभूषण सिंह भी 2029 के लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में बताए जा रहे हैं.

इस पर शालिनी सिंह का कहना है, 'एक परिवार से चार लोग चुनाव लड़ सकते हैं, अगर हमारे अंदर चुनाव लड़ने की क्षमता है, हम शिक्षित हैं और देश चलाने की क्षमता रखते हैं तो फिर क्यों नहीं लड़ सकते हैं.'

उन्होंने आगे कहा, 'हम लोग मां के बेटे से सीखकर आए हैं कि लोगों को कैसे सम्मान देना है और कैसे लोगों से वार्ता लाभ करना है.'

परिवारवाद पर शालिनी का जवाब

परिवारवाद के आरोपों को लेकर शालिनी सिंह ने साफ कहा, 'संविधान में कोई रोक नहीं है, सब एक साथ चुनाव लड़ेंगे.'

उन्होंने यह भी जोड़ा, 'परिवारवाद वहीं, तक है, जहां अपना बूता न साबित कर दें. हमारा किसी परिवार से होना कोई निगेटिव नहीं है. हम शिक्षित हैं, हम देश को चला सकते हैं तो क्या दिक्कत है.'

शालिनी सिंह क्या करती हैं?

शालिनी सिंह केवल राजनीतिक पृष्ठभूमि से ही नहीं आतीं, बल्कि एक आर्टिस्ट भी हैं और अब तक पांच किताबें लिख चुकी हैं. वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और नोएडा सिटिजन फोरम की सदस्य भी हैं.

इसके अलावा वह वकील और एजुकेशनिस्ट के रूप में भी कार्य कर रही हैं. हाल ही में नोएडा के एक कार्यक्रम में कविता पाठ के बाद वह चर्चा में आई थीं.

ससुराल पक्ष भी राजनीति से जुड़ा

शालिनी सिंह की शादी विशाल सिंह से हुई है, जो बिहार के एक राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं. विशाल सिंह के पिता स्वर्गीय अजीत सिंह और मां मीना सिंह भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं.

वर्तमान में शालिनी सिंह अपने पति के साथ नोएडा में रहती हैं, जिससे उनके इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चर्चा और तेज हो गई है.

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