BJP आज मना रही 47वां स्थापना दिवस, अमित शाह बोले -राष्ट्र सेवा में समर्पित हर कार्यकर्ता

आज भारतीय जनता पार्टी अपना 47 वां स्थापना दिवस मना रही है. 6 अप्रैल 1980 को अस्तित्व में आई बीजेपी की जड़ें श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 1977 के जनसंघ से जुड़ी हैं. आपातकाल के बाद जनता पार्टी के विभाजन से निकली यह पार्टी आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

भारतीय जनता पार्टी आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है. 6 अप्रैल 1980 को स्थापित हुई इस पार्टी के जश्न के मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. पार्टी कार्यकर्ता और नेता इस ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए राष्ट्र सेवा की अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहे हैं. बीजेपी की जड़ें 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ से जुड़ी हैं. आपातकाल के बाद जनता पार्टी गठबंधन के टूटने के बाद 1980 में पार्टी नए रूप में भारतीय जनता पार्टी के नाम से उभरी और तब से लगातार मजबूती से आगे बढ़ रही है.

बीजेपी का 47वां स्थापना दिवस

आज 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में अपने 47वें स्थापना दिवस का उत्सव मना रही है. विभिन्न जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इस अवसर पर कार्यकर्ता पार्टी की उपलब्धियों और राष्ट्र सेवा के संकल्प को याद कर रहे हैं.

अमित शाह का पोस्ट

स्थापना दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पार्टी को बधाई दी. उन्होंने लिखा, चाहे देश की सीमाओं को सुरक्षित करना हो, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाना हो, विकास के नए मानदंड स्थापित करना हो या भारतीय संस्कृति की ऐतिहासिकता और प्राण तत्व को पुन: जागृत करना हो - भाजपा ने अपने इन सभी संकल्पों को चरितार्थ करके दिखाया है.

अमित शाह ने आगे लिखा, भाजपा का मूल मंत्र हमेशा स्पष्ट रहा है -‘राष्ट्र सबसे पहले, पार्टी उसके बाद, स्वयं सबसे अंत में। इसी मूल भावना के साथ भाजपा का हर कार्यकर्ता दिन-रात राष्ट्र-सेवा में समर्पित है. भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर मैं उन सभी महानुभावों को नमन करता हूं, जिन्होंने ऋषि दधीचि के समान राष्ट्रहित सर्वोपरि के महान यज्ञ में अपना सर्वस्व अर्पण कर भाजपा को एक विराट वटवृक्ष बनाने में अहम योगदान दिया है.

2 सीटों से सरकार तक का सफर

भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को महज 2 सीटों पर विजय मिली थी. राम मंदिर आंदोलन ने राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया. 1989 के चुनाव में बीजेपी ने 80 से अधिक सीटें जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. 1996 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रगति की और 161 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि पूर्ण बहुमत न होने के कारण सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी. इसके बाद 1999 में बीजेपी दोबारा सत्ता में आई और 2004 तक अपना पूर्ण कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया.

BJP की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

बीजेपी की स्थापना की जड़ें 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ से जुड़ी हैं. यह दल 1977 तक सक्रिय रूप से जनता की सेवा करता रहा. 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी का गठन किया गया. बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण 1980 में यह गठबंधन टूट गया और पार्टी नए रूप में भारतीय जनता पार्टी के रूप में सामने आई.

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