ईद पर रंजिश, फिर खूनी हमला! दिल्ली के रामलीला मैदान में 17 साल के हसमत को चाकू से गोदकर हत्या
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी में आपसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया. मात्र 17 साल के हसमत को चाकू के वारों से बुरी तरह घायल कर दिया गया. गंभीर हालत में BJRM अस्पताल पहुंचाए गए हसमत को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में आपसी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया. 17 वर्षीय किशोर हसमत की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. आरोपी पक्ष के चार युवकों ने मिलकर उसे रामलीला मैदान में घेरकर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार यह हत्या दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का नतीजा है. सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं.
कहा और कैसे हुआ हमला?
5 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे जहांगीरपुरी के रामलीला मैदान में यह घटना हुई. हसमत पर दिलशाद, इरफान, इमरान और रिजबुल नाम के चार युवकों ने मिलकर चाकू से हमला कर दिया. हसमत को कई चाकू लगे और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत BJRM अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
परिवारों के बीच पुराना विवाद
दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्या दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का परिणाम है. मृतक हसमत का बड़ा भाई हकीम पिछले 5-6 साल से आरोपी पक्ष के परिवार की एक लड़की मनवारा के साथ दोस्ती में था. 2024 में हकीम की शादी किसी और महिला से हो गई, लेकिन दोनों के बीच संबंध जारी रहे. इसी को लेकर दोनों परिवारों में तनाव बना हुआ था.
ईद के मौके पर विवाद बढ़ा
ईद के समय विवाद और तीखा हो गया. आरोप है कि मृतक हसमत की पत्नी आसिया के साथ आरोपी पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज की. इसके बाद हसमत आरोपी पक्ष के घर पहुंचा, जहां दोनों पक्षों में जोरदार कहासुनी हुई. इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हसमत पर हमला करने की योजना बनाई.
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने 6 अप्रैल को इस मामले में एफआईआर नंबर 201/26 दर्ज कर ली है. सभी चारों आरोपी फिलहाल फरार हैं. दिल्ली पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और छापेमारी जारी है. पुलिस ने इलाके के लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह के आपसी विवाद को बढ़ावा न दें.


