गेहूं-चावल से दूध-मसालों तक..., भारत-US ट्रेड डील में इन सभी कृषि उत्पादों को बाहर रखा गया

भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील में भारतीय किसानों को मिला मजबूत सुरक्षा कवच. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा - गेहूं, चावल, दालें, मिलेट्स, दूध, फल-सब्जी, मसाले, मुर्गी-मीट और इथेनॉल जैसे सभी उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट नहीं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम ट्रेड समझौते में भारतीय कृषि क्षेत्र को मजबूत सुरक्षा कवच दिया गया है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि गेहूं, चावल, मक्का, मिलेट्स, दूध-डेयरी उत्पाद, फल-सब्जियां, मसाले, मुर्गीपालन, मीट, तंबाकू और इथेनॉल जैसे सभी  कृषि उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है अमेरिका को इन पर एक भी टैरिफ छूट नहीं दी गई. ग्रामीण आजीविका और देश की खाद्य सुरक्षा को सर्वोपरि रखकर लिया गया है.

समझौते में केवल कुछ गैर-संवेदनशील उत्पादों पर सीमित रियायत दी गई है, ताकि भारतीय कृषि बाजार में स्थिरता बनी रहे और किसानों को किसी भी तरह का नुकसान न हो. इस निर्णय से घरेलू उत्पादकों को विदेशी आयात से कोई खतरा नहीं रहेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

अनाज और मिलेट्स की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित

भारत ने गेहूं, चावल, मक्का, जौ, ज्वार, रागी, बाजरा, ओट्स, अमरंथ सहित सभी प्रमुख अनाज और मिलेट्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा है. कोपरा, मैदा, छिलका रहित अनाज और विभिन्न प्रकार के आटे जैसे उत्पाद भी इस सूची में शामिल हैं. अमेरिकी आयात से इन वस्तुओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. इससे किसान चिंता मुक्त रहेंगे और घरेलू बाजार में कीमतों की स्थिरता बनी रहेगी. यह कदम देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा.

दूध और डेयरी उत्पादों को भी मिली पूरी सुरक्षा 

दूध और डेयरी सेक्टर को अमेरिकी आयात से पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. तरल दूध, दूध पाउडर, कंडेंस्ड मिल्क, घी, मक्खन, दही, पनीर, योगर्ट और विभिन्न प्रकार की चीज सहित सभी डेयरी उत्पाद इस समझौते में संरक्षित हैं. भारत ने डेयरी क्षेत्र को किसी भी विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने का सख्त फैसला लिया है. यह कदम न केवल लाखों डेयरी किसानों के हित में है, बल्कि ग्रामीण रोजगार और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का बयान 

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार यह निर्णय किसानों के हित, ग्रामीण आजीविका और देश की खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है.

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