दुश्मनों को पीएम मोदी का सख्त संदेश, UAE संग कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है भारत

नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई बड़े समझौते हुए. साथ ही 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा भी की गई. पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यूएई को भारत का पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा भारत के लिए कई बड़े रणनीतिक और आर्थिक फायदे लेकर आई. अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम समझौतों पर सहमति जताई. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच मजबूत रिश्तों और आपसी भरोसे की झलक भी देखने को मिली.

यूएई को लेकर क्या बोले पीएम? 

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा. उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने का पक्षधर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित और खुला बनाए रखना जरूरी है.

पीएम मोदी ने यूएई पहुंचने पर मिले भव्य स्वागत के लिए आभार जताया और इस देश को अपना “दूसरा घर” बताया. उन्होंने कहा कि यूएई वायुसेना द्वारा दिए गए विशेष एस्कॉर्ट से भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान बढ़ा है. साथ ही उन्होंने कोरोना महामारी और अन्य कठिन समय में भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार और शाही परिवार की सराहना की. हाल ही में उत्तर प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त करने के लिए भी पीएम मोदी ने धन्यवाद दिया.

दोनों देशों के बीच हुए कई महत्वपूर्ण समझौते

इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए. भारत और यूएई ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा समझौता किया, जिससे सैन्य और सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी. ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और एलपीजी सप्लाई सुनिश्चित करने को लेकर भी अहम एमओयू साइन किए गए. इसके अलावा गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर विकसित करने पर सहमति बनी.

आर्थिक मोर्चे पर भी भारत को बड़ी सफलता मिली है. यूएई ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में करीब 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है और आने वाले समय में दोनों देश हर क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag