होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव: मैक्रॉन ने अमेरिका-ईरान से समन्वय की अपील
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने अमेरिका और ईरान से समन्वित कदम उठाने की अपील की है. ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के ऐलान के बीच इस मुद्दे ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच समन्वित प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत सैन्य हस्तक्षेप की घोषणा की है.
आर्मेनिया में आयोजित यूरोपीय नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान मैक्रॉन ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान केवल साझा कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है. उन्होंने मौजूदा अमेरिकी सैन्य पहल को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही है.
मैक्रॉन का समन्वित प्रयासों पर जोर
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सहयोग बेहद जरूरी है.
उन्होंने कहा,"हम सबसे पहले अमेरिका और ईरान द्वारा समन्वित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना चाहते हैं. यही होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का एकमात्र समाधान है."
अमेरिकी सैन्य पहल पर जताई चिंता
मैक्रॉन ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को लेकर अपनी आशंकाएं भी जाहिर कीं और मिशन के उद्देश्यों की स्पष्टता पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा,"हम किसी भी ऐसे सैन्य अभियान में भाग नहीं लेंगे जिसका ढांचा मुझे स्पष्ट नहीं लगता."
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ एक समुद्री अभियान है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है.
यह मिशन ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है जब क्षेत्र में राजनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर है.
जहाजों को सुरक्षित निकालने की योजना
ट्रम्प ने बताया कि कई देशों ने अमेरिका से मदद की अपील की है, ताकि उनके टैंकर और मालवाहक जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग से बाहर निकल सकें.
उन्होंने कहा,"मैंने अपने प्रतिनिधियों को उन्हें यह सूचित करने के लिए कहा है कि हम उनके जहाजों और चालक दल को जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे."
मानवीय पहलू पर जोर
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इस मिशन का एक बड़ा उद्देश्य फंसे हुए जहाजों पर मौजूद कर्मियों की मदद करना भी है. कई जहाजों में भोजन और आवश्यक आपूर्ति की कमी बताई गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो रही है.
कूटनीति के साथ सख्त रुख
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि मिशन में किसी भी तरह की बाधा डालने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी.
उन्होंने संकेत दिया कि "बहुत सकारात्मक चर्चा" जारी है, लेकिन साथ ही सख्त सैन्य रुख भी बरकरार रहेगा.
ईरान के प्रस्ताव को किया खारिज
हाल ही में ईरान द्वारा पेश किए गए 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को ट्रम्प ने अस्वीकार कर दिया है. इस प्रस्ताव का उद्देश्य मौजूदा अस्थायी युद्धविराम को स्थायी समझौते में बदलना था, लेकिन अमेरिकी प्रशासन फिलहाल अपनी रणनीतिक और मानवीय प्राथमिकताओं पर केंद्रित नजर आ रहा है.


