अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी की असीम कृपा, इस सरल विधि से करें पूजा और नोट करें पूरी सामग्री
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जो अनंत फल देता है. इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की सच्ची श्रद्धा से पूजा करने पर घर में सुख, शांति और अखंड समृद्धि हमेशा बनी रहती है.

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और बरकत का स्थाई वास होता है. इस दिन सही विधि से पूजा-अर्चना करने से मानसिक शांति मिलती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.अक्षय तृतीया पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ पीले कपड़े पहनें. पूजा की तैयारी में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित भाव से पूजा करने से जीवन में अक्षय फल की प्राप्ति होती है.
अक्षय तृतीया पूजा की सरल विधि
पूजा शुरू करने से पहले एक छोटी चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें. उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं, चंदन, अक्षत और पीले फूल चढ़ाएं. मां लक्ष्मी को कमल या गुलाब का फूल अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है.
विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और अंत में घी के दीपक से आरती उतारें. इस सरल पूजा से मन को शांति मिलती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है.
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
अक्षय तृतीया की पूजा को पूर्ण बनाने के लिए निम्न सामग्री तैयार रखें: -
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रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी और चंदन
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पीली मिठाई, सत्तू, गुड़ और ताजे फल (खरबूजा या आम)
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ताजे तुलसी के पत्ते
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धूप, अगरबत्ती और शुद्ध घी का दीपक
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कलश के लिए नारियल, कलावा और जल का पात्र
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सोने या चांदी का सिक्का अथवा मिट्टी का नया दीपक या छोटा कलश
दान का महत्व और शुभ फल
अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व है. इस दिन जल से भरे मिट्टी के घड़े, अनाज और नए वस्त्रों का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. पूजा के बाद किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य अनुसार भेंट दें.
शुभ संकल्प और सात्विक जीवन
इस पावन दिन पर दूसरों की बुराई से बचें, शुद्ध विचार रखें और मधुर वाणी का प्रयोग करें. परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ाने के लिए सात्विक जीवन अपनाएं. अपनी मेहनत की कमाई का कुछ हिस्सा समाज की भलाई में लगाने का संकल्प लें.
नई शुरुआत का सबसे शुभ दिन
अक्षय तृतीया किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. इस दिन बुरी आदतों को छोड़ने और अच्छे गुणों को अपनाने का संकल्प लेकर भगवान से क्षमा मांगें और सही राह पर चलने की प्रार्थना करें.
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.


