किस्मत से मिली प्लेइंग-11 में जगह...2024 के बाद पहली बार बने टी20 का हिस्सा, मोहम्मद सिराज ने आते ही छुड़ाया अमेरिका का पसीना

मोहम्मद सिराज ने लंबे समय बाद टी20 टीम में वापसी करते हुए अमेरिका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की. हर्षित राणा की जगह टीम में शामिल सिराज ने पावरप्ले में दो महत्वपूर्ण विकेट झटककर अपनी बेहतरीन उपयोगिता साबित की.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

स्पोर्ट्स : भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के लिए 2026 का टी20 विश्व कप एक नई उम्मीद और जुनून लेकर आया है. 2024 की विश्व विजेता टीम का हिस्सा रहने के बाद वह लंबे समय तक इस छोटे फॉर्मेट से बाहर चल रहे थे. हालांकि, किस्मत ने ऐसी करवट बदली कि हर्षित राणा की चोट और जसप्रीत बुमराह की अचानक बिगड़ी तबीयत ने उनके लिए प्लेइंग इलेवन के दरवाजे खोल दिए. अमेरिका के खिलाफ मैच में उन्होंने अपनी सधी हुई गेंदबाजी से विरोधियों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया और अपनी शानदार वापसी का बिगुल बजाया.

सिराज की टीम में वापसी की कहानी  

आपको बता दें कि सिराज ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबला 30 जुलाई 2024 को श्रीलंका के विरुद्ध खेला था. उस मैच के बाद से वह लगातार टीम प्रबंधन की नजरों से दूर थे और 2026 विश्व कप की शुरुआती योजनाओं में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया था. लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. युवा गेंदबाज हर्षित राणा के चोटिल होने और मैच की सुबह जसप्रीत बुमराह के अस्वस्थ होने ने सिराज को वह मंच दिया, जिसकी वे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे.

छक्के के बाद जोरदार पलटवार

मैच के दौरान सिराज ने भारत के लिए पारी का दूसरा ओवर संभाला. उनकी दूसरी ही गेंद पर अमेरिकी सलामी बल्लेबाज एंड्रीज गॉस ने सामने की तरफ एक गगनचुंबी छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए. लेकिन सिराज अपनी आक्रामकता के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अगली ही कुछ गेंदों में गजब की वापसी की. उन्होंने गॉस को अपनी गति से छकाया और कवर क्षेत्र में तैनात तिलक वर्मा के हाथों में एक सीधा कैच थमा दिया. गॉस के आउट होते ही भारत को बड़ी सफलता मिली.

दूसरे विकेट से तोड़ी अमेरिका की कमर

सिराज ने अपनी गेंदबाजी की धार को और तेज करते हुए अपने अगले ओवर में अमेरिका के प्रमुख बल्लेबाज सैतेजा मुक्कमल्ला को पवेलियन की राह दिखाई. 21 वर्षीय मुक्कमल्ला का हालिया फॉर्म काफी प्रभावशाली रहा था, लेकिन सिराज के अनुभव के सामने वे टिक नहीं सके. सिराज की सटीक इनस्विंगर गेंद पर वरुण चक्रवर्ती ने मुक्कमल्ला का एक सुरक्षित कैच लपका. इस बड़े विकेट ने अमेरिका के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह अस्थिर कर दिया, जिससे मैच पर भारत की पकड़ और भी मजबूत हो गई.
 

पावरप्ले में कप्तान का भरोसा

भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सिराज के आत्मविश्वास और सटीक दिशा को भांप लिया था. यही कारण था कि उन्होंने सिराज से पावरप्ले के भीतर ही लगातार तीन ओवर फिंकवाए. शुरुआती छक्का खाने के बाद सिराज ने जो अनुशासन दिखाया, वह काबिले तारीफ था. उन्होंने अपनी अगली 16 गेंदों पर केवल 12 रन खर्च किए और दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. सिराज की इस कसी हुई गेंदबाजी के कारण अमेरिका की टीम शुरुआती छह ओवरों के बैटिंग पावरप्ले में महज 31 रन ही बना सकी.

सूर्यकुमार ने 84 रनों की लाजवाब पारी खेली

इस मैच में गेंदबाजों को भरपूर समर्थन बल्लेबाजों से भी मिला. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्वयं मोर्चे से नेतृत्व करते हुए 84 रनों की लाजवाब पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने अमेरिका को 161 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया. सूर्या की शानदार बल्लेबाजी और फिर सिराज के शुरुआती झटकों ने मैच का पूरा परिदृश्य भारत के पक्ष में कर दिया. सिराज की यह प्रभावी वापसी न केवल उनके करियर के लिए सुखद है, बल्कि भारतीय टीम के भविष्य के गेंदबाजी आक्रमण को भी एक नई ऊर्जा प्रदान करती है.

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