अंडर-19 के हीरो को करना होगा इंतजार, जानिए सीनियर इंडिया टीम में क्यों नहीं खेल सकते वैभव सूर्यवंशी

वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन बनाकर कई रिकॉर्ड तोड़े, लेकिन ICC के 15 वर्ष न्यूनतम आयु नियम के कारण वह अभी भारतीय सीनियर टीम के लिए नहीं खेल सकते.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए अंडर-19 विश्व कप फाइनल की गूंज अभी तक थमी नहीं है. इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी ने वैभव सूर्यवंशी को रातोंरात सुर्खियों में ला दिया. 15 छक्कों से सजी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदल दिया, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों के मन में एक सवाल भी खड़ा कर दिया कि- जब यह 14 साल का खिलाड़ी दुनिया के बेहतरीन युवा गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा सकता है, तो भारतीय सीनियर टीम में क्यों नहीं खेल रहा?

सीनियर टीम से दूर रखने वाला नियम

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2020 में एक न्यूनतम आयु नियम लागू किया था. इसके अनुसार, कोई भी खिलाड़ी 15 वर्ष की उम्र से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सकता. यह नियम युवा खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था. फरवरी 2026 में विश्व कप जीत के समय उनकी उम्र अभी 14 वर्ष ही थी. इसका मतलब साफ है कि जब तक वे 15 साल के नहीं हो जाते, तब तक भारतीय सीनियर टीम में उनका चयन संभव नहीं है.

अंडर-19 में भी अब नहीं खेल पाएंगे

दिलचस्प बात यह है कि वैभव अब अंडर-19 टीम के लिए भी उपलब्ध नहीं रहेंगे. BCCI की “वन-टूर्नामेंट” नीति के अनुसार, कोई खिलाड़ी अंडर-19 विश्व कप केवल एक बार ही खेल सकता है. इसका मकसद नई प्रतिभाओं को मौका देना है. भले ही 2028 या 2030 में उनकी उम्र 19 साल से कम ही रहेगी, लेकिन वे दोबारा इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. यानी फिलहाल उनके लिए रास्ता घरेलू और फ्रेंचाइज क्रिकेट तक ही सीमित है.

रिकॉर्ड्स की झड़ी

पिछले एक साल में वैभव ने जितने रिकॉर्ड बनाए हैं, वह किसी सपने से कम नहीं लगते. अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन बनाकर सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज किया. पूरे टूर्नामेंट में 30 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया. लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बने.

विजय हजारे ट्रॉफी में सिर्फ 59 गेंदों में 150 रन ठोककर विश्व रिकॉर्ड तोड़ा. आईपीएल में 35 गेंदों पर शतक लगाकर सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की. इंडिया ए के लिए 32 गेंदों में टी20 शतक जड़ा. युवा वनडे और टेस्ट दोनों में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया. घरेलू टी20 में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का कारनामा किया. इन उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया उभरता सितारा बना दिया है.

इंतजार की घड़ी

फिलहाल 'सूर्यवंशी तूफान' घरेलू क्रिकेट और आईपीएल तक ही सीमित है. लेकिन जैसे ही 27 मार्च 2026 आएगा और वे 15 साल के होंगे, भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है. हालांकि, भारत का व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए, यह कहना गलत नहीं होगा कि नीली जर्सी उनसे ज्यादा दूर नहीं है.

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