धनबाद में बड़ा हादसा, स्लरी के ढेर में दबे मजदूर, 4 की दर्दनाक मौत

धनबाद के मुनिडीह वाशरी में स्लरी का ढेर ढहने से 4 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

झारखंड के धनबाद जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां बीसीसीएल द्वारा संचालित मुनिडीह वाशरी में काम कर रहे मजदूरों पर अचानक स्लरी (गीले कोयले का कचरा) का ढेर ढह गया. इस हादसे में कम से कम चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बचाव कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया.

मृतकों की हुई पहचान 

मृतकों की पहचान प्रेम बौरी, मानिक बौरी, दीपक बौरी और नारायण यादव के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि ये सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूर थे और रोज़मर्रा की तरह उस दिन भी काम पर लगे हुए थे. हादसे के वक्त मजदूर स्लरी को हटाने और लोड करने का काम कर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से स्लरी का विशाल ढेर भरभराकर गिर पड़ा. इस घटना ने मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं दिया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचा ली, लेकिन कई लोग सीधे मलबे की चपेट में आ गए. एक मजदूर जितेंद्र कुमार ने बताया कि वे लोग स्लरी के ढेर से सामग्री निकालने का काम कर रहे थे, तभी अचानक ढेर ढह गया और वहां मौजूद मजदूरों पर गिर गया. उन्होंने कहा कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला.

मुनिडीह चौकी प्रभारी मनीता कुमारी ने क्या कहा? 

मुनिडीह चौकी की प्रभारी मनीता कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक चार शवों को बरामद कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन, बीसीसीएल और एनडीआरएफ की टीमें मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ मजदूर फंसे हो सकते हैं, इसलिए अभियान लगातार जारी है.

घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और राहत दल तैनात किए गए हैं. जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके. हालांकि, स्लरी का दलदली और भारी स्वरूप बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बन रहा है.

सुरक्षा मानकों पर खड़े हुए सवाल  

इस हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. असंगठित मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गहन जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो.

फिलहाल, राहत और बचाव अभियान जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मलबे में फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.

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