मुझे मां और घर का वोट भी नहीं मिला...बिहार चुनाव में नहीं चला पुष्पम प्रिया का जादू, EVM पर ठीकरा फोड़ा

बिहार चुनाव में द प्लूरल्स पार्टी की प्रमुख पुष्पम प्रिया को भारी हार का सामना करना पड़ा और वे दरभंगा सीट पर मात्र 1403 वोट पाकर आठवें स्थान पर रहीं. हार के बाद उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया और कहा कि उनके पारिवारिक व मुहल्ले के वोट भी बीजेपी को ट्रांसफर हो गए.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के साथ ही कई प्रमुख नेताओं के सपने चकनाचूर हो गए. इन नेताओं में आरजेडी के तेजस्वी यादव, जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और द प्लूरल्स पार्टी की नेता पुष्पम प्रिया भी शामिल हैं. खासकर पुष्पम प्रिया जिनकी पार्टी ने किसी भी सीट पर खाता नहीं खोला, एक ऐसे नाम के रूप में सामने आईं जिन्होंने अपनी हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए.

पुष्पम प्रिया को केवल 1403 वोट मिले 
आपको बता दें कि पुष्पम प्रिया ने दरभंगा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें महज 1403 वोट मिले और वे अपनी सीट पर आठवें स्थान पर रहीं. इस निराशाजनक नतीजे के बाद उन्होंने ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया. पुष्पम ने कहा कि उन्हें उनकी मां और रिश्तेदारों के वोट भी नहीं मिले. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके घर और मुहल्ले के वोट भी बीजेपी उम्मीदवार को ट्रांसफर हो गए.

EVM पर आरोप

पुष्पम प्रिया ने एक्स पर लिखा, "EVM रिगिंग में इस बार मेरी मां, घर और हर मुहल्ले के रिश्तेदारों तक के वोट बीजेपी उम्मीदवार को ट्रांसफर कर दिए गए. हर बूथ पर सैकड़ों वोटों के मैनिपुलेशन का साफ प्रमाण है. वोटर हैरान हैं कि उनके वोट कहां गए. जहां सैकड़ों वोट मिले, वहां भी संख्या 0-2 से लेकर 5-7 तक पहुंच गई. यह पैटर्न सांख्यिकीय रूप से असंभव है. शायद ईवीएम को मैनिपुलेट करने वाले को यह नहीं बताया गया था कि मैं अपने गृहनगर से चुनाव लड़ रही हूं, जहां मेरे हजारों वोट थे."

मुस्लिम वोटों का मामला
पुष्पम प्रिया ने यह भी दावा किया कि दरभंगा में मुस्लिम समुदाय के वोट भी बिना उनकी अनुमति के बीजेपी को ट्रांसफर हो गए. उन्होंने लिखा, "मुसलमानों ने भी जो वोट मुझे पारिवारिक लगाव और पसंदगी से दिए, वे भी बीजेपी के खाते में चले गए." उन्होंने यह भी कहा कि इस बार जिनकी हार निश्चित थी, उन्होंने कभी न मिलने वाले वोटों से रिकॉर्ड जीत हासिल की है, और इस चुनाव में ईवीएम में "डकैती" हुई है.

पुष्पम प्रिया और उनके समर्थक भी नाराज 
पुष्पम प्रिया की इस हार ने न केवल उन्हें बल्कि उनके समर्थकों को भी काफी निराश किया है. उन्हें उम्मीद थी कि बिहार की राजनीति में बदलाव लाने के लिए उनकी पार्टी द प्लूरल्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, लेकिन चुनाव परिणामों ने यह साबित कर दिया कि वे अपनी राजनीतिक यात्रा में अभी और समय लेंगे. उनके आरोपों के बाद कई राजनीतिक विश्लेषकों ने चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, हालांकि आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है.

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