बंगाल में चुनाव के बाद फिर भड़की हिंसा, सुवेंदु अधिकारी के करीबी BJP नेता पर हुआ हमला
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं के बीच भाजपा नेता प्रोसेनजीत मंडल पर हमले का मामला सामने आया है. घटना के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है, जबकि आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है. कई इलाकों से हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं. इसी बीच पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा इलाके में भाजपा नेता प्रोसेनजीत मंडल पर हुए हमले ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है. प्रोसेनजीत मंडल को भाजपा नेता और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का करीबी माना जाता है. घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और भाजपा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताया है.
बताया जा रहा है कि हमला उस समय हुआ जब प्रोसेनजीत मंडल अपने इलाके से गुजर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने रास्ता रोककर पहले उनके साथ मारपीट की और फिर जान से मारने की धमकी भी दी. घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
रास्ते में रोका और किया हमला
भाजपा नेता प्रोसेनजीत मंडल के अनुसार, वह दक्षिण चचियारा रोड से होकर गुजर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने अचानक उन्हें घेर लिया. आरोप है कि हमलावरों ने पहले उनके साथ धक्का-मुक्की की और फिर बंदूक की बट से उनके सिर पर हमला कर दिया. उन्होंने बताया कि हमलावरों के हाथ में लाठियां भी थीं, जिनसे उनकी पिटाई की गई. अचानक हुए इस हमले से वह घबरा गए, लेकिन किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे. प्रोसेनजीत का दावा है कि हमलावर लगातार उन्हें धमका रहे थे और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दे रहे थे.
तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद भाजपा नेता ने पांशकुड़ा थाने में शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें शेख आलमगीर, शेख जहीरुल इस्लाम, कमाल हुसैन और गुरुपद मुंशी का नाम प्रमुख है. प्रोसेनजीत मंडल का आरोप है कि हमले में शामिल सभी लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमलावरों ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने भाजपा के लिए सक्रिय रहना जारी रखा, तो उनका अंजाम भी हाल ही में मारे गए मुख्यमंत्री के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ जैसा होगा. इस बयान के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया है. भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इस घटना को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है.
पहले भी मिल चुकी थीं धमकियां
प्रोसेनजीत मंडल ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें निशाना बनाया गया हो. उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें कई बार धमकियां मिली थीं. उनका कहना है कि भवानीपुर इलाके में भाजपा के प्रचार अभियान में शामिल होने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें राजनीतिक गतिविधियां बंद करने की चेतावनी दी थी. अब दोबारा हुए हमले ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
भाजपा ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस घटना को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव खत्म होने के बाद विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. भाजपा का कहना है कि राज्य में लोकतांत्रिक माहौल कमजोर हो रहा है और राजनीतिक हिंसा आम होती जा रही है. पार्टी ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. हालांकि, इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.


