Republic Day 2026 की ताजा ख़बरें
Republic Day 2026
Republic Day 2026
लोकतंत्रों का ऐतिहासिक बंधन...संबंधों में तनाव के बीच ट्रंप ने गणतंत्र दिवस पर भारत को भेजा शुभकामना संदेश
भारत-अमेरिका रिश्तों में व्यापार, आव्रजन और रणनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद जारी है. ट्रंप और रुबियो ने गणतंत्र दिवस पर बधाई दी, रक्षा और आर्थिक सहयोग पर जोर दिया, जबकि व्यापारिक तनाव और वार्ता अधूरी रहने से संबंधों में चुनौतियां बनी हैं.
कालिंजर महादेव और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत...इस बार यूपी की झांकी में क्या था सबसे अलग?
गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ में उत्तर प्रदेश की ‘विरासत से विकास’ झांकी ने कालिंजर किले, बुंदेलखंड की संस्कृति, ओडीओपी, पर्यटन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के जरिए परंपरा व प्रगति के संतुलन को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया.
महाराष्ट्र: तिरंगे को सलामी देते-देते थम गई धड़कन, गणतंत्र दिवस समारोह में SI की हार्ट अटैक से मौत
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पुलिस सब-इंस्पेक्टर मोहन जाधव अचानक बेहोश होकर गिर पड़े. अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है.
Republic Day का वो दिन जब भारत ने पाकिस्तान को मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया, लेकिन कुछ महीने बाद ही...
आज भारत 77वें गणतंत्र दिवस के रंग में रंगा है. इस खास मौके पर यूरोपीय संघ के दो टॉप लीडर एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन, मुख्य अतिथि बनकर आए हैं. यह न सिर्फ स्वागत है, बल्कि भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत होते रिश्तों का भी एक सुंदर प्रतीक है.
वंदे मातरम् की गूंज, ऑपरेशन सिंदूर की ताकत और मणिपुर की झांकी: 77वें गणतंत्र दिवस परेड की खास झलक
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का भव्य प्रदर्शन हुआ. 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर आधारित थीम के साथ ऑपरेशन सिंदूर और राज्यों की झांकियों ने परेड को यादगार बना दिया.
टैंकों पर लटकी जंजीरें क्यों दुश्मन की सबसे बड़ी नींद उड़ाने वाली सच्चाई बन गईं
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में टैंकों पर दिखीं जंजीरें चर्चा का विषय बन गईं. ये सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि युद्ध में दुश्मन की सबसे खतरनाक चाल को बेअसर करने की रणनीति हैं. इसको आम आदमी नहीं समझ सकता है पर सैना को पता है ये रणनीति कितनी जरूरी है
क्यों चुनी गई 26 जनवरी की तारीख? जानें गणतंत्र दिवस के पीछे छिपी इस ऐतिहासिक घटना का राज
हर साल 26 जनवरी को भारत गणतंत्र दिवस मनाता है. इसी ऐतिहासिक दिन को 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना. संविधान तो 26 नवंबर 1949 को तैयार हो चुका था, लेकिन इसे अमल में लाने के लिए 26 जनवरी ही क्यों चुना गया. एक तारीख जो आज भी गर्व से गूंजती है.
77वां गणतंत्र दिवस: पीएम मोदी से राहुल गांधी तक, इन नेताओं ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
77वें गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी, विपक्षी नेताओं, मुख्यमंत्रियों और वैश्विक नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. सभी संदेशों में संविधान, लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और भारत की वैश्विक भूमिका को सशक्त रूप से रेखांकित किया गया.
77वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भव्य आगमन, पारंपरिक बग्गी से कर्तव्य पथ पहुंचीं
गणतंत्र दिवस 2026 में पहली बार यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता- यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा. दिल्ली की शानदार परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. भारत-यूरोप के मजबूत रिश्तों का यह ऐतिहासिक प्रतीक होगा.
Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस पर क्यों बुलाए जाते हैं विदेशी मुख्य अतिथि? जानिए कौन करता है चयन
77वें गणतंत्र दिवस पर भारत ने कर्तव्य पथ पर सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रदर्शन किया. यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने भारत की वैश्विक कूटनीति और मजबूत होते अंतरराष्ट्रीय संबंधों को रेखांकित किया.

