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UP SIR: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के नियम बदले, फॉर्म-6 के साथ अब घोषणा पत्र अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कैंपेन के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है. अब नए वोटर्स को न सिर्फ़ फॉर्म 6 भरना होगा, बल्कि इसके साथ एक डिक्लेरेशन फॉर्म भी जमा करना होगा.
चुनाव आयोग ने बीजेपी के बनाए AI सिस्टम का किया इस्तेमाल, ममता बनर्जी का SIR को लेकर EC पर निशाना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया के दौरान बिना सुनवाई 54 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया है. उन्होंने एआई टूल्स, पारदर्शिता की कमी और लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन पर सवाल उठाए.
उत्तर प्रदेश में जारी हुआ SIR का ड्राफ्ट, 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम कटे, लखनऊ, प्रयागराज रहे सबसे आगे
उत्तर प्रदेश में SIR के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.55 करोड़ नाम शामिल हैं. 2.89 करोड़ नाम मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट होने के कारण हटाए गए. दावे-आपत्तियों के बाद 6 मार्च को अंतिम सूची आएगी.
व्हाट्सएप पर चल रहा चुनाव आयोग, SIR को लेकर ममता बनर्जी का बड़ा हमला, बोलीं- बंगाल झुकेगा नहीं
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR अभियान को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाने, मानवीय संकट और बंगाल की अस्मिता से जुड़े मुद्दों को उठाया.
SIR के पहले चरण में संभल से 3 लाख से ज्यादा वोट काटे गए , चंदौसी में 99,183 वोटरों के नाम हटे
संभल जिले में SIR के पहले चरण के बाद वोटरों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इस प्रक्रिया के तहत जिले के कुल मतदाताओं में से 20 फीसदी से अधिक नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है.
32 लाख लोगों को मिलेगा वोटर लिस्ट सुधार का मौका, SIR पर शुरू हुई सुनवाई
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 32 लाख अनलिंक्ड मतदाताओं की सुनवाई शनिवार से 3,234 केंद्रों पर शुरू होगी, जहां दस्तावेजों के आधार पर नाम जोड़े जाएंगे. पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया पूरी कर 14 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी, जिसके बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा संभव है.
Tamil Nadu Voter List Revision: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 97 लाख नाम हटे, SIR के बाद सियासी घमासान तेज
आने वाले चुनावों से पहले तमिलनाडु में वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है. चुनाव आयोग द्वारा किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद, राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 97 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं.
एसआईआर फॉर्म में मुस्लिम परिवारों के 25 लोगों के बदल गए नाम, गाजीपुर से सामने आई सबसे बड़ी गड़बड़ी
गाजीपुर में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी तकनीकी खामी सामने आई, जहां 2003 की मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद एक ही परिवार के 25 सदस्यों का सत्यापन अटक गया. प्रशासन ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया है.
85 लाख मतदाताओं के पिता का नाम गलत, 13 लाख वोटर्स के मां-बाप का नाम एक...बंगाल में SIR में ये क्या झोल?
पश्चिम बंगाल में SIR अभियान ने 2002 की मतदाता सूची में 85 लाख पिता के नाम, 13.5 लाख माता-पिता नाम की गलतियां और अन्य असामान्य रिकॉर्ड उजागर किए. आयोग इन्हें सुधारकर सूची की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करना चाहता है.
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा बदली, अब 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव अब बस ढाई साल दूर रह गया है. इसी बीच चुनाव आयोग ने कमर कस ली है और एक बड़ा अभियान चला रहा है. पूरे राज्य की मतदाता सूची को चमक-दमक कर नई और बिल्कुल सटीक बनाने का मिशन, नया नाम जुड़े, पुराना नाम हटे, पता बदला हो तो अपडेट हो, कोई गलती न रहे सब कुछ दुरुस्त किया जा रहा है. ताकि 2026 में जब वोट डालने की बारी आए, तो एक भी वोटर यह न कह सके कि मेरा नाम ही लिस्ट में नहीं है.

