बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने हार मानने से किया इनकार, SIR पर लगाए धांधली के आरोप
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के रुझानों में बीजेपी की बढ़त के बावजूद ममता बनर्जी ने हार मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने मतगणना प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं से “बस देखते रहिए” का संदेश दिया.

बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच सियासी माहौल गरमाता जा रहा है. शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मजबूत बढ़त के बावजूद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और अपने समर्थकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है.
लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहीं ममता बनर्जी ने कहा कि अंतिम नतीजे आने तक इंतजार करना जरूरी है. उन्होंने मतगणना प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है.
कार्यकर्ताओं से 'इंतजार करें' की अपील
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश जारी कर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मतगणना पूरी होने तक उम्मीद बनाए रखने की बात कही.
उन्होंने कहा,"मैं सभी मतगणना एजेंटों और उम्मीदवारों से अनुरोध करती हूं कि वे सुरक्षित कमरों में रहें और अपने केंद्रों को न छोड़ें. मैं कल से यही कह रही हूं कि भाजपा के वोटों की गिनती पहले दिखाई जाएगी. दरअसल, कई केंद्रों पर मतगणना रोक दी गई है. वे चुनाव में हेराफेरी करने की कोशिश कर रहे हैं... मैं टीएमसी उम्मीदवारों से अनुरोध करती हूं कि वे निराश न हों. मैंने आपसे कहा था कि सूर्यास्त के बाद आप सभी जीतेंगे. बस देखते रहिए,"
জরুরি বার্তা pic.twitter.com/Uc82oihwEL
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 4, 2026
SIR को लेकर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर भी निशाना साधा. उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं.
चुनाव आयोग पर भी आरोप
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा,
"वे हमें उन सीटों के बारे में नहीं बता रहे हैं जहां हम आगे चल रहे हैं. चुनाव आयोग केंद्रीय बलों के साथ मिलकर मनमानी कर रहा है. मैं टीएमसी कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे उम्मीद न छोड़ें. हम निश्चित रूप से जीतेंगे. मैं उनके साथ खड़ा हूं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है; शेर की तरह लड़ें,"
रुझानों में बीजेपी की बढ़त
ताजा रुझानों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है. खबर लिखे जाने तक भाजपा 196 सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि टीएमसी 92 सीटों के साथ पीछे थी.
यह आंकड़े राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं.
2021 के मुकाबले बदली तस्वीर
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में टीएमसी ने 215 सीटों के साथ दो-तिहाई बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं. इस बार के रुझान पिछली तस्वीर से बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं.
रिकॉर्ड मतदान के बीच हुआ चुनाव
पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान कराया गया था. पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरा चरण 29 अप्रैल को 142 सीटों पर हुआ.
इस चुनाव में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद सबसे ज्यादा बताया जा रहा है.


